सलाखों के पीछे पूरा परिवार

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते नीतीश कुमार. इमेज कॉपीरइट NITISH TWITTER

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराब पर पाबंदी तो लगा दी है लेकिन सत्तारूढ़ दल के विधायकों, पार्षदों और उनके करीबी रिश्तेदारों पर आए दिन सत्ता के नशे में चूर होने के आरोप लग रहे हैं.

जनता दल यूनाइटेड की विधान पार्षद मनोरमा देवी के बड़े बेटे रॉकी यादव ने एक व्यापारी के युवा बेटे आदित्य सचदेव की गाड़ी ओवरटेक करने के मामूली विवाद में कथित तौर पर गोली मार कर हत्या कर दी.

इस घटना से नीतीश कुमार की राजनीतिक छवि को बड़ा झटका लगा.

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सरकार ने मनोरमा देवी और उनके परिवार से वह सुरक्षा घेरा हटा लिया जिसके नीचे कई आपराधिक क्रिया कलाप चल रहे थे.

जब तक रॉकी यादव पर हत्या का मामला दर्ज नहीं हुआ था तब तक सरकार ने न तो उनके पिता बिंदी यादव के आपराधिक रिकॉर्ड पर कोई कार्रवाई की और न रॉकी यादव की माँ मनोरमा देवी के घर की तलाशी ली गई.

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सात मई की घटना के बाद हत्या के अभियुक्त बेटे को छिपाने के आरोप में उसके पिता को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान मनोरमा देवी के घर पर शराब की बोतलें मिलने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया.

हालाँकि, महागठबंधन के कुछ नेताओं ने मनोरमा देवी के बचाव में बयान दिए. लेकिन रॉकी यादव की करतूत से नाराज़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने क़ानून का राज कायम करने के लिए सरकार का सख्त रवैया बनाए रखा.

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सत्ता का रुख़ बदलते ही पार्टी से निलंबित मनोरमा देवी के खिलाफ नए मद्य-निषेध और बाल श्रम कानून के तहत कार्रवाई हुई.

मंगलवार को गया जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

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फिलहाल मनोरमा देवी हत्या के आरोपी बेटे, दर्ज़नों आपराधिक मामलों के आरोपी पति के साथ सलाखों के पीछे हैं.

मनोरमा देवी का गया स्थित आवास सील है. अब वहां पहले जैसी राजनीतिक हलचल नहीं बल्कि सन्नाटा और अँधेरा पसरा है.

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