मोदी सरकार के दो साल पर कांग्रेस की बुकलेट

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शनिवार को कांग्रेस ने 'मोदी के झूठ और झूठे वायदों के दो साल' नाम से एक बुकलेट जारी की है और जिसमें सरकार की कथित नाकामियों का उल्लेख है:

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1. साल 2013-14 (कांग्रेस) के दौरान खाद्यान्न उत्पादन, 265 मेट्रिक टन था जो साल 2015-16 (भाजपा) में गिरकर क]रीब 253 मेट्रिक टन हो गई है. कांग्रेस के अनुसार मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतिओं से कालाबाज़ारियों और जमाखोरों की चांदी हो गयी है.

2. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जीडीपी गणना की नई व्यवस्था के अनुसार अर्थव्यवस्था 2014-15 में 7.3 फ़ीसदी की दर से एवं 2015-16 में 7.6 फ़ीसदी की दर से बढ़ी. कांग्रेस का कहना है कि इन आंकड़ों की सच्चाई संदेह के घेरे में है. आरबीआई के गवर्नर एवं सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी विकास के आधिकारिक आंकड़ों पर अपनी असहमति व्यक्त की थी.

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3. नरेंद्र मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वायदा किया था. लेकिन लेबर ब्यूरो, श्रम मंत्रालय, भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल 1.34 लाख नौकरियां ही पैदा की जा सकीं. अक्टूबर से दिसंबर 2015 के बीच 8 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में 20,000 नौकरियों की कटौती हुई है.

4. मोदी सरकार बनाए जाने के बाद से अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में 55.20 फ़ीसदी की गिरावट हुई है. इसके बावजूद पेट्रोल की क]rमत 11.74 फ़ीसदी एवं डीज़ल की कीमत केवल 8.9 फ़ीसदी ही कम हुई है. यदि कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के अनुपात में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें घटाई जातीं, तो आज डीज़ल की कीमत 25.40 रुपये प्रति लीटर होती और पेट्रोल की कीमत 31.99 रुपये प्रति लीटर होती.

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5. सार्वजनिक सेक्टर के बैंकों की सेहत सुधारने के लिए आरबीआई गवर्नर, रघुराम राजन के प्रयासों की भाजपा सरकार ने जमकर निंदा की और इसके सांसदों ने आरबीआई जैसे संस्थान की अखंडता पर भी हमले किए.

6. चुनाव से पहले मोदी ने दावा किया था कहा था कि वो 100 दिनों के भीतर देश का 80 लाख करोड़ रुपये का काला धन वापस लाएंगे और हर भारतीय के बैंक खाते में 15-20 लाख रुपये जमा करवाएंगे. मीडिया के 500 नामों का खुलासा करने के बाद भी मोदी सरकार ने इस मामले में कोई भरोसेमंद कदम नहीं उठाया है. इसके बजाए सरकार ने काले धन को सफे़द में तब्दील करने के लिए एमनेस्टी स्कीम पेश की.

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7. सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे द्वारा ललित मोदी को भारतीय कानून और प्रवर्तन एजेंसियों से बचकर निकलने में मदद किए जाने के स्पष्ट प्रमाणों के बाद भी ये दोनों अपने-अपने पदों पर हैं. कांग्रेस ने पूछा है कि क्या ललित मोदी ने एक आॅफ़शोर कंपनी के माध्यम से वसुंधरा राजे के बेटे की कंपनी में पैसा नहीं लगाया है?

8. मोदी पर कांग्रेस ने अपनी अनर्गल टिप्पणियों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया है. शंघाई में मोदी ने कहा था "इससे पहले, भारतीयों को भारत में पैदा होने पर शर्म आती थी" जबकि सियोल में उन्होंने कहा था "एक समय था जब लोग कहते थे - पता नहीं पिछले जन्म में क्या पाप किया है जो हिन्दुस्तान में पैदा हो गये, ये कोई देश है."

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Image caption चीन में मोदी

9. मोदी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के विदेशी दौरों पर पिछले वित्त वर्ष (2015-16) में सरकारी खज़ाने से 567 करोड़ रुपये खर्च हुए जो पिछले साल विदेश दौरों पर ख़र्च की गई राशि की तुलना में 80 प्रतिशत अधिक है.

10. मानव संसाधन विकास मंत्री, स्मृति ईरानी ने सभी विश्वविद्यालयों को अपनी देशभक्ति के संकेत स्वरूप राष्ट्रध्वज फ़हराने का फ़रमान जारी कर दिया. कांग्रेस का आरोप है कि आरएसएस ने स्वतंत्रता के बाद पूरे 52 सालों तक राष्ट्रध्वज नहीं फहराया. जब एनआईटी, श्रीनगर के विद्यार्थियों को संस्थान के परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फ़हराया तो उन्हें सज़ा दी गई एवं बेरहमी से पीटा गया.

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11. मोदी स्मार्ट सिटीज़ का वायदा करते हैं, लेकिन भारत को एक सुरक्षित राजधानी तक नहीं दे पाए हैं.

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