'मंदिर निर्माण से कतरा नहीं रहे मोदी-शाह'

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भाजपा सांसद विनय कटियार का कहना है कि ये आरोप ग़लत है कि नरेंद्र मोदी-अमित शाह राम मंदिर मामले पर ढीले दिखाई दे रहे हैं.

उनका कहना है कि राम मंदिर निर्माण के लिए तैयारियां हमेशा से रही हैं और फ़ैसला आने की देर है और काम शुरू हो जाएगा.

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के बाद से उस ज़मीन और उस पर अधिकार का मुक़दमा अदालतों में चल रहा है और फ़िलहाल फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट को देना है.

उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव का माहौल बनता दिख रहा है और ये वर्ष 2017 में होने हैं.

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के बाद से अपना रजनीतिक क़द बढ़ाने वाले नेता विनय कटियार के अनुसार, "सूखे की मार हो, बेरोज़गारी फैली हो वहां मुद्दा यही रह सकता है. विपक्षी दल इस पर राजनीति करना चाहते हैं बस."

कटियार का कहना है, ''हाँ, हमारा नारा ये है कि जो हिंदू हित की बात करेगा वो देश में राज करेगा. रही बात हिंदू और हिंदुत्व की तो मैॆ सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और व्याख्या के बाद ही इस तरह की बात करता हूँ.''

बहराल ये भी सच है कि ख़ुद भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता पिछले लगभग दो वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे से बचते रहे हैं.

2014 के आम चुनावों में भी भाजपा ने अपने इस पुराने और 'टिकाऊ' मुद्दे के ऊपर विकास के मुद्दे को तरजीह दी थी.

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विनय इस सवाल को भी ग़लत ठहराते हैं कि पिछले दो वर्ष में हुए राज्य चुनावों के दौरान अपनी रैलियों में मोदी या अमित शाह ने मंदिर निर्माण के मुद्दे को ज़्यादा वज़न नहीं दिया है.

उन्होंने कहा, "जहाँ पर जिस मुद्दे पर बात करने की आवश्यकता है वहां पर ये लोग उसकी बात करते हैं. जहाँ पर बात करनी होती है वहां करते हैं और जहाँ प्रैक्टिकल काम करना होता है उसे भी करते हैं. जब समय आएगा तो सबको पता चल जाएगा, लेकिन कोई मंदिर के मुद्दे से कतरा नहीं रहा है".

हालांकि, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कई बार अपने बयानों में यह संकेत दे चुके हैं कि भाजपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी. राम मंदिर और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर टिप्पणी करने से वह लगातार बचते रहे हैं.

विहिप और बजरंग दल द्वारा राम मंदिर निर्माण,की बात पर शाह कह चुके हैं कि ऐसे संगठनों की तुलना भाजपा से नहीं की जा सकती.

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