नीतीश कुमार का सिरदर्द बने ये 6 नेता

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बिहार में बीते कुछ महीनों में करीब दर्जन भर ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं जिनमें सत्तारूढ़ महागठबंधन के जनप्रतिनिधियों पर कानून तोड़ने का आरोप लगा है. कई मामलों में जनप्रतिनिधि अभियुक्त भी बनाए गए हैं.

एक नज़र बिहार में सत्तारुढ़ गठबंधन के ऐसे नेताओं पर जो हाल के कुछ महीनों में विवादों में रहे हैं.

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मनोरमा देवी: जदयू की मनोरमा देवी अपने घर से विदेशी शराब बरामदगी मामले में अभियुक्त हैं. फिलहाल जेल में बंद मनोरमा को जदयू निलंबित कर चुकी है.

उनका नाम अभी बिहार के चर्चित आदित्य सचदेवा हत्या मामले में लगातार चर्चा में बना हुआ है.

वे इस हत्याकांड मामले के मुख्य अभियुक्त रॉकी यादव की मां हैं. इस हत्या मामले में उनके पति बिंदी यादव भी जेल में हैं.

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राजबल्लभ प्रसाद: राजद नेता और नवादा से विधायक राजबल्लभ एक नाबालिग से कथित तौर पर बलात्कार करने के मामले में जेल में हैं.

इस मामले में अभियुक्त बनाए जाने के लगभग एक महीने बाद इन्होंने 10 मार्च को सरेंडर किया था. राजद इन्हें निलंबित कर चुका है.

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सरफराज आलम: जदयू विधायक सरफ़राज़ राजधानी एक्सप्रेस में एक दंपती के साथ दुर्व्यवहार और बेटिकट यात्रा करने के मामले में अभियुक्त हैं. मामला जनवरी महीने के अंत का है.

पटना के तत्कालीन एसपी रेल पुलिस पीएन मिश्रा के मुताबिक सरफराज ने पूछताछ के दौरान ट्रेन में कटिहार से पटना तक यात्रा करने की बात स्वीकार की थी, लेकिन किसी दंपती के साथ छेड़खानी से इंकार किया था.

गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद सरफराज ने घटना वाले दिन राजधानी एक्सप्रेस से सफर करने से ही इंकार किया था. फिलहाल वे पार्टी से निलंबित हैं और जमानत पर हैं.

विनय वर्मा: अप्रैल महीने के अंत में नरकटियागंज से कांग्रेस विधायक विनय वर्मा से जुड़ा एक स्टिंग सामने आया था.

इसमें विनय ने कथित रुप से दावा किया था कि इनके घर पर शराब उपलब्ध है और ये अपने मेहमानों को शराब पिला सकते हैं. स्टिंग के बाद इनके नरकटियागंज स्थित घर पर छापेमारी भी हुई थी लेकिन वहां से शराब बरामद नहीं हुई.

इस स्टिंग के आधार पर नए बिहार उत्पाद (संशोधन) कानून के तहत विनय पर दो एफआईआर दर्ज हुई हैं. मामला सामने आने के बाद पार्टी ने इन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था.

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अब्दुल गफूर: राजद नेता और नीतीश सरकार में मंत्री अब्दुल गफूर मार्च महीने में सीवान जेल में बंद राजद नेता शहाबुद्दीन से मिलने के कारण विवादों में आए थे.

छह मार्च को हुई इस मुलाकात की एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें शहाबुद्दीन एक सजे हुए कमरे में बहुत ही दोस्ताना माहौल में मंत्री से मिलते हुए दिखते हैं. सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के बाद यह मुलाकात फिर चर्चा में है.

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बीमा भारती: नीतीश सरकार की इस पूर्व मंत्री और वर्तमान में विधायक पर जनवरी महीने में आरोप लगा था कि ये अपने अभियुक्त पति अवधेश मंडल को थाने से छुड़ा ले गई थीं. मामला पूर्णिया जिले के मरंगा थाने का है.

इस मामले में पूर्णिया के वर्तमान सांसद और जदयू नेता संतोष कुशवाहा पर भी आरोप लगे थे. विपक्ष के आरोपों के बाद पुलिस मुख्यालय में एडीजी सुनील कुमार ने तब कहा था कि अवधेश मंडल के फरार होने के मामले में बीमा भारती और संतोष कुशवाहा के भूमिका की जांच होगी.

पूर्णिया जिला पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक यह जांच पूरी नहीं हुई है.

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गोपा मंडल: जदयू विधायक गोपाल मंडल का नाम मीडिया में अक्सर विवादास्पद बयानों के कारण आता रहता है. अपने एक बयान में गोपाल मंडल ने कथित रूप से अपने विरोधियों की जीभ काटने की धमकी दी थी.

वहीं मार्च में अपने बयान में उन्होंने कहा था कि मैं फिर से हत्या की राजनीति शुरु करुंगा और करवाऊंगा. यह बयान सामने आने के बाद 22 मार्च को गोपाल पार्टी से निलंबित कर दिए गए.

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