बादल फटने से 4 की मौत, कई गांव ज़मीदोज़

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उत्तराखंड में आई आफ़त थमने का नाम नहीं ले रही है. यहाँ टिहरी ज़िले की बालगंगा घाटी के घनसाली तहसील के चार गांवों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है, जिसमें चार लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

शनिवार को उत्तराखंड में बादल फटने के बाद कई गांवों में भारी तबाही हुई है और सौ से अधिक घरों के ज़मीदोज़ हो जाने की ख़बर है.

बताया जा रहा है कि कौसरगढ़, चमियाला, केमर और गनगढ़ गांव में एक के बाद एक छह बार बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है.

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पूरा इलाक़ा ही लगभग ज़मीदोज़ हो जाने की ख़बर है और कई मकान ढह गए हैं. लेकिन जानमाल को भारी नुक़सान नहीं हुआ है.

ख़बर के मुताबिक़ बालगंगा घाटी में एक लड़का मलबे में दब गया है और 100 से अधिक पशुओं के बह जाने की ख़बर है.

वहीं उत्तरकाशी में भी नुक़सान होने की ख़बर है. उत्तरकाशी में एक लड़की पनचक्की में बारिश से बचने के लिए शरण लेने गई, लेकिन उसके पानी के तेज़ बहाव में आकर बह जाने की सूचना है. वहीं तीन मज़दूर रुड़की में मारे गए हैं.

उत्तराखंड में बदना हाइवे और उत्तरकाशी गंगोत्री मार्ग को बंद कर दिया गया है.

कुमाउं के इलाक़े पिथौड़ागढ़ में भी भारी बारिश से नुक़सान होने की ख़बर है. बालगंगा इलाक़े में मुख्य मार्गों और बाज़ार का रास्ता पूरी तरह ख़त्म हो चुका है.

वहाँ स्थानीय प्रशासन, स्थानीय आपदा टीमें राहत कार्य में लगीं हैं.

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रविवार को मुख्यमंत्री भी इलाक़े का दौरा करेंगे. बचावकार्य के लिए और सहायता कर्मियों को भेजा जाएगा.

मौसम विभाग का कहना है कि आज भी चारधाम यात्रा मार्ग और कुमांऊ के इलाक़े के साथ पिथौड़ागढ़ और बागेश्वरी के ऊंचाई वाले इलाक़े में मध्यम और हल्की बारिश की संभावना है.

मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है. लोगों को नदी और ऊंचाई वालों स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी गई है.

(बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी की शिव जोशी की बातचीत पर आधारित )

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