सलमा आग़ा वीज़ा बंधनों से आज़ाद

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‘निकाह’ फ़िल्म से भारतीय फिल्म जगत में चर्चा में आई मशहूर गायिका सलमा आग़ा को भारत सरकार की ओर से ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (ओसीआई) कार्ड मिल गया है.

ओसीआई बनने के बाद सलमा आग़ा को एक भारतीय की तरह ही सभी अधिकार मिल गए हैं, हालांकि उनके पास चार अधिकार नहीं होंगे.

वो भारत में सरकारी नौकरी नहीं कर सकेंगी, चुनाव में खड़ी नहीं हो सकेंगी, चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगी और खेती-बाड़ी के लिए ज़मीन भी नहीं ख़रीद सकेंगी.

इन चार अधिकारों को छोड़कर उन्हें भारतीय नागरिक की तरह ही हर तरह के अधिकार हासिल होंगे. यहां तक कि भारत आने-जाने के लिए उन्हें आजीवन वीज़ा लेने की ज़रूरत नहीं होगी.

लेकिन उन्हें इस कार्ड की जरूरत क्यों पड़ी?

सलमा आग़ा ने कहा, “मैं एक भारतीय हूं और मुझे एक भारतीय पहचान पत्र की ज़रूरत है और ये सबसे महत्वपूर्ण बात है. साथ ही मैं अपना ब्रिटिश पासपोर्ट नहीं छोड़ना चाहती थी. ये मेरा देश है और मैं अपनी भारतीय होने की पहचान बरकरार रखना चाहती थी.”

सोमवार शाम तक सूत्रों के हवाले से ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि उनकी मुलाकात गृहमंत्री राजनाथ सिंह से होनी है और उन्हें ये कार्ड दिया जाना है.

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इस पर सलमा आग़ा ने कहा, “हम उनको (राजनाथ सिंह को) बहुत समय से जानते हैं. हम उनसे कई बार मिल चुके हैं.”

ग़ौरतलब है कि सलमा आग़ा ने पाकिस्तान में लंबे समय तक गाने गाए हैं. फ़िल्म 'निकाह' का 'दिल के अरमां आसुंओं में बह गए...' उनका मशहूर गीत है.

इससे पहले पाकिस्तान के लोकप्रिय गायक अदनान सामी ने भारतीय नागरिकता ले ली थी जिसे लेकर पाकिस्तान में काफ़ी विवाद हुआ था.

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