बदल गई हंदवाड़ा की 'लड़की' की ज़िंदगी

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भारत प्रशासित कश्मीर में हंदवाड़ा की 16 साल की इस लड़की के लिए 12 अप्रैल का दिन शायद कभी न भूल पाने वाला दिन है.

इस साल 12 अप्रैल को हंदवाड़ा में कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि सेना के एक जवान ने एक स्कूली छात्रा से छेड़छाड़ की. उसके बाद इलाक़े में हुए प्रदर्शन के दौरान सेना और पुलिस की कार्रवाई भी हुई और पाँच लोगों की मौत हो गई थी.

आरोप लगाने वाली लड़की कई दिनों तक पुलिस निगरानी में रही.

यह मामला सुर्ख़ियों से ग़ायब हो रहा है. लेकिन रातों रात मानो उस लड़की की ज़िंदगी बदल गई.

वो जिस स्कूल में पढ़ती थी, हम उस स्कूल में गए. स्कूल में दाख़िल होते ही, सब कुछ सामान्य सा दिखता है.

लड़कियां किसी खेल में मगन दिखती हैं. उनका शोर चारो ओर सुनाई देती है. लेकिन इसमें 12वीं क्लास की उस लड़की की आवाज़ शामिल नहीं है, जो कुछ दिन पहले तक इन्हीं आवाज़ों के बीच मौजूद थी.

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वह अपने परिवार की सबसे बड़ी लड़की है. उसके पिता सरकारी विभाग में एक कर्मचारी हैं.

इस लड़की के साथ पढ़ने वाली लड़कियां कहती हैं, "वह दूसरी छात्राओं की तरह स्कूल ड्रेस पहनकर आती थी और बॉलीवुड के गाने गुनगुनाया करती थी. 'हुआ जो आज पहली बार, जो ऐसे मुस्कुराया हूं,' गाना उसे बहुत पसंद था"

एक लड़की ने बताया, "वह डायरी में उर्दू शायरी लिखती थी, उसे बैडमिंटन खेलना बहुत पसंद था. वह कभी-कभी 'अबाया' पहनकर भी स्कूल आती थी, लेकिन ज़्यादातर स्कूल ड्रेस में ही आती थी."

लेकिन इन तमाम बातों के बाद भी इन लड़कियों के दिलों में अपनी साथी के लिए ज़्यादा प्यार भी नहीं है.

उन्होंने कहा, "उसकी याद तो आती है, लेकिन थोड़ा ग़ुस्सा भी है, लोग कहते हैं कि उसने ग़लत किया, हमें नहीं मालूम कि सच्चाई क्या है?"

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उसकी एक और सहपाठी के मुताबिक़ वह शिक्षक बनना चाहती थी.

लेकिन 16 साल की इस स्कूली छात्रा की बात करते ही, हंदवाड़ा के लोग आपको घूरने लगते हैं और इस मुद्दे पर बात करने से बचते हैं.

हंदवाड़ा के एक दुकानदार का कहना है, "हम तो बिल्कुल इस लड़की वाले मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते... यहां हर कोई अब भी दहशत में है."

उस लड़की की एक सहपाठी इस बात का फ़ैसला नहीं कर पाई हैं कि वह अपनी इस साथी का दोबारा स्कूल में स्वागत करेंगी भी या नहीं.

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अभी तक इस मामले में लड़की के कई बयान सामने आए हैं, जिनमें लड़की ने सेना के जवान की ओर से छेड़छाड़ से इनकार किया है.

स्कूल में लड़की की एक शिक्षक फ़रीदा जान कहती हैं कि जब वह हर दिन हाज़िरी लगाती हैं, तो वो उस लड़की को ग़ैर हाज़िर पाती हैं.

उनका कहना है, "वह दूसरी बच्चियों की तरह ही रहती थी. हर रोज़ स्कूल आती थी, उसके बारे में किसी ने कभी कोई शिकायत नहीं की. अब तो वह मानसिक तौर पर तनाव में होंगी. मैं तो चाहती हूं कि वह फिर से स्कूल आए, हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है."

कुछ दिन पहले लड़की ने कश्मीर के महिला आयोग को बताया था कि पुलिस ने उनका वीडियो वाला बयान धोखे से रिकॉर्ड किया था.

लड़की के चाचा अब्दुल खालिक़ गनाई का कहना है कि वह लड़की के बारे में ज़्यादा तो नहीं जानते हैं, लेकिन उन्हें इतना याद है कि जब वह उनके घर आती थी, तो बहुत हंसी मज़ाक़ करती थी.

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वो बताते हैं, "वह सबके साथ बैठकर खाना खाती थी. वह किसी की भी थाली से खाने का निवाला उठाकर खा लेती थी. वह आम लड़कियों की तरह ही कपड़े पहनती थी."

लड़की के एक पड़ोसी मोहम्मद सादिक़ बताते हैं कि लड़की का परिवार सीधा-सादा है. बहुत ज़्यादा धार्मिक भी नहीं हैं कि हर समय पर्दे में रहे, एक आम लड़की की तरह वह शाम को अपने आस-पड़ोस की लड़कियों के साथ खेलती थी.

उन्होंने कहा, "इस परिवार का घर से बाहर के लोगों से ज़्यादा मिलना जुलना नहीं था, ऐसा होने से कई बार बच्चा बिगड़ भी जाता है."

इस परिवार के वकील परवेज इमरोज़ ने बताया कि लड़की अब भी पुलिस की निगरानी में है. उनका कहना है कि लड़की के दोनों ही बयान उस पर दबाव डाल कर लिए गए.

लड़की की मां ने भी कहा था कि उनकी बेटी का बयान दबाव डाल कर लिया गया था.

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इस मामले में सरकार और सेना ने अलग-अलग जांच के आदेश दिए हैं.

यहां 12 अप्रैल को पैदा हुए तनाव के बाद हालात सामान्य तो हो गए हैं, लेकिन लोग अब भी ख़ामोश हैं.

लड़की अभी तक अपने हंदवाड़ा में अपने ननिहाल में रह रही है और स्कूल नहीं जा रही है.

इस मामले कब क्या-क्या हुआ.

12 अप्रैल, सेना के जवान पर लड़की के साथ छेड़छाड़ का इल्ज़ाम लगा.

12 अप्रैल, लड़की का एक वीडियो, लड़की ने कहा जवान ने छेड़छाड़ नहीं की.

16 अप्रैल, लड़की की माँ ने कहा दबाव में लड़की से बयान लिया गया.

12 अप्रैल से 4 मई तक, लड़की पुलिस की हिरासत में रही.

7 अप्रैल को लड़की को पुलिस स्टेशन से रिश्तेदार के घर में रख गया.

16 मई, हाई कोर्ट ने लड़की को पुलिस निगरानी से रिहा करने के आदेश दिए.

17 मई, लड़की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा सेना के जवान ने छेड़छाड़ की थी.

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