टूट जाएगा फिल्म 'गांधी' का पटना कनेक्शन?

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ऑस्कर अवार्ड विजेता फ़िल्म 'गां'धी के कई दृश्य पटना और इसके आस-पास भी फ़िल्माए गए थे.

पटना कलेक्ट्रेट की कुछ ऐतिहासिक इमारतों में भी इसकी शूटिंग हुई थी. इन इमारतों में रिकॉर्ड रूम और पटना ज़िलाधिकारी का ऑफिस शामिल हैं. इन इमारतों में महात्मा गांधी के चंपारण प्रवास की घटनाओं को फ़िल्माया गया था.

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रिकॉर्ड रूम डच ईस्ट इंडिया कंपनी की बनाई इमारत है जिसका इस्मेताल तब अफीम के गोदाम के तौर पर किया जाता था. जबकि पटना जिलाधिकारी के ऑफिस का निर्माण ब्रिटिश हुकूमत के दौरान हुआ था.

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पटना ज़िला प्रशासन ने इन्हें तोड़कर एक नई विशाल इमारत बनाने की योजना का प्रस्ताव रखा है.

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इस प्रस्ताव के बाद इसे बचाने की मांग जोर पकड़ रही है. अपील करने वालों में डच दूतावास के साथ-साथ इतिहासकार, पटना के शहरी और हेरिटेज पर काम करने वाली संस्था इंटैच शामिल हैं.

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रिकॉर्ड रूम को बिहार में डच इतिहास के बाकी बच गए चंद शानदार भवनों में से एक बताया जाता है.

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संरक्षण के अपील पर ज़िलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल कहते हैं, "आम लोगों की सुविधा और ज़रूरतों को देखते हुए कलेक्ट्रेट अहाते की असुरक्षित हो चुकी इमारतों की जगह नई इमारत बनाना ज़रूरी हो गया है. लेकिन लोगों की अपील के बाद कला-संस्कृति विभाग ने एक्सपर्ट टीम बनाई है जो यह सुझाव देगी कि ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित किया जाए या इनकी जगह नई इमारत बनाई जाए. यह कमिटी अगले एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट भी दे देगी."

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ज़िला परिषद में काम करने वाले देवेंद्र कुमार उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने गांधी फ़िल्म की शूटिंग देखी थी.

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1970 के दशक के अंतिम वर्षों के आस-पास हुई इस शूटिंग के बारे में वे बताते हैं, "तब फव्वारे लगाकर नकली बारिश कराई गयी थी और इंद्रधनुष भी दिखाया गया था. शूटिंग देखने हम जैसे लोगों की भारी भीड़ तब जुटती थी."

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