70% छूट गए गुजरात दंगों में

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गुजरात में वर्ष 2002 के दंगों से जुड़े आंकड़ों में जांच के दौरान और फ़ैसला आने के बाद भी कभी कोई फ़ेरबदल नहीं हुआ.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सभी नौ मामलों में दर्ज एफआईआर में जिस भीड़ का जिक्र किया है, उनमें से सभी में लोगों की संख्या 1,000 से ऊपर है.

इन मामलों में मरने वालों की संख्या 307 है और एसआईटी ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनकी संख्या 557 है. एसआईटी के पास मौजूद नौ मामलों में से आठ पर कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुना दिया है.

इन आठ मामलों में 471 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. गुजरात कोर्ट ने इनमें से लगभग 70 प्रतिशत अभियुक्तों को बरी किया है और क़रीब 173 को दोषी पाया है. नारोदा गाम मामले में अभी फ़ैसला आना है जिसमें 86 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है.

298 अभियुक्तों को बरी करने के दौरान ज़्यादातर मामलों में कोर्ट ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत नहीं थे.

सीबीआई के पूर्व निदेशक आरके राघवन के नेतृत्व में एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है. उनसे इन फ़ैसलों की मंशा को लेकर कई बार सवाल किए गए हैं.

यहां तक कि मानवाधिकार कार्यकर्ता एसआईटी की जांच में निकाले गए नतीजों के ख़िलाफ़ कोर्ट भी जा चुके हैं.

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पर्याप्त सबूत इकट्ठा नहीं करने और गवाहों के बयान के अलावा कोई दूसरी कोशिश नहीं करने के लिए एसआईटी की खूब आलोचना हुई है.

अभियुक्तों के परिवारों ने भी एसआईटी पर अक्सर सवाल खड़े किए हैं. उन लोगों का कहना है कि एसआईटी ने गलत लोगों को पकड़ा है.

बड़े पैमाने पर अभियुक्तों का बरी होना दिखाता है कि कई निर्दोष लोगों को कोर्ट से रिहा होने से पहले जेल में कई साल बिताने पड़े हैं.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दूसरे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप था कि गुजरात सरकार और उसकी पुलिस ने दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की है.

तब सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल को जांच का ज़िम्मा सौंपा.

ऐसे हालात में क्या गोधरा कांड और उसके बाद हुए दंगों से प्रभावित लोग ख़ुद को न्याय मिलने की बात कहेंगे?

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एसआईटी को सौंपे गए मामले और दोषी करार दिए गए अभियुक्तः

1. गोधरा नरसंहार

59 मारे गए, 94 अभियुक्त

63 अभियुक्त बरी

31 दोषी (11 को फांसी की सज़ा, 20 को उम्र कैद)

2. गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार

69 मारे गए, 67 अभियुक्त

43 अभियुक्त बरी

24 दोषी (सज़ा सुनाया जाना बाकी)

3. नारोदा पाटिया

97 मारे गए, 61 अभियुक्त

29 अभियुक्त बरी

32 दोषी (एक को उम्रकैद)

बीजेपी की पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी इस मामले में दोषी थे. इन दोनों के साथ दूसरे दोषी भी अभी जमानत पर हैं.

4. सरदारपुरा

31 मारे गए, 73 अभियुक्त

42 अभियुक्त बरी

31 दोषी (सभी को उम्रकैद)

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5. ओडी गांव (दो मामले)

3 मारे गए, 41 अभियुक्त

31 अभियुक्त बरी

10 दोषी (9 को उम्रकैद)

6. ओडी गांव

23 मारे गए, 46 अभियुक्त

23 अभियुक्त बरी

23 दोषी (18 को उम्रकैद)

7. नरोदा गाम

11 मारे गए, 86 अभियुक्त

सुनवाई जारी है.

8. दीपदा दरवाज़ा

11 मारे गए, 83 अभियुक्त

61 अभियुक्त बरी

22 दोषी (21 को उम्रकैद)

9. प्रांतीज

3 ब्रितानी नागरिक मारे गए, 6 अभियुक्त

सभी छह बरी हो चुके हैं.

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