एक कट के साथ 'उड़ता पंजाब' रिलीज़ करें: कोर्ट

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' को एक कट के साथ रिलीज़ करने का आदेश दिया है.

मुंबई स्थित बीबीसी संवाददाता सुशांत मोहन के अनुसार सोमवार को फ़ैसला सुनाते हुए अदालत ने सेंसर बोर्ड को दो दिनों के अंदर नया सर्टिफ़िकेट जारी करने के निर्देश दिए हैं. फ़िल्म को 'ए' सर्टिफ़िकेट मिलेगा.

फ़िल्म के हीरो शाहिद कपूर जिस सीन में पेशाब करते दिख रहे हैं, उस सीन को निकाल दिया जाएगा. निर्माता अनुराग कश्यप के वकील ने फ़ैसले के बाद कहा कि उस सीन को निर्माता ख़ुद ही हटाने को तैयार हो गए थे.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा फ़िल्म में तीन डिसक्लेमर दिए जाएंगे जिनमें कहा जाएगा कि फ़िल्म किसी भी तरह ड्रग्स को बढ़ावा नहीं देती है, फ़िल्म गालियों और अपशब्दों को बढ़ावा नहीं देती है और किसी राज्य को ग़लत ढंग से पेश करने का फ़िल्म का कोई इरादा नहीं है.

सेंसर बोर्ड के सदस्य और फ़िल्मकार अशोक पंडित ने कहा ये क्रिएटिविटी की जीत है और एक संदेश है कि लोग किसी भी तरह से अपनी मर्जी से चीज़ों को नहीं चला सकते.

इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' में कहीं भी ऐसा कुछ नहीं है जिससे भारतीय संप्रभुता या अखंडता पर कोई सवाल उठता हो.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अदालत ने ये टिप्पणी सेंसर बोर्ड के ज़रिए फ़िल्म के कथित विवादित दृश्यों को काटने संबंधी मामले पर सुनवाई के दौरान की है.

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हाईकोर्ट का कहना था, "हमने पूरी स्क्रिप्ट ये जानने के लिए पढ़ी कि फ़िल्म नशे को बढ़ावा देती है या नहीं. हमने ये पाया कि फ़िल्म किसी शहर या राज्य के नाम, या फिर किसी संकेत के माध्यम से भारतीय संप्रभुता या अखंडता पर सवाल नहीं उठाती है."

यह कहते हुए कोर्ट ने कहा कि जब तक कि कोई कलाकार रचनात्मक स्वतंत्रता का दुरुपयोग न कर रहा हो, किसी को उसके काम में दख़ल देने का अधिकार नहीं.

अदालत ने आगे कहा, ''हमें फ़िल्म में ऐसा कुछ नहीं नज़र आया जो पंजाब की ग़लत छवि पेश करता हो.''

सेंसर बोर्ड पर एक तरह से कड़ा प्रहार करते हुए कोर्ट ने कहा, ''सीबीएफ़सी को क़ानून के मुताबिक फ़िल्मों को सेंसर करने का अधिकार नहीं है क्योंकि सेंसर शब्द सिनेमाटोग्राफ़ अधिनियम में शामिल नहीं किया गया है.''

हाईकोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड को किसी भी सीन को काटने या बदलने का अधिकार तभी है जब वो संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हो.

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शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड के प्रमुख पहलाज निहलानी को याद दिलाया था कि उनका काम फ़िल्मों को प्रमाणपत्र देना है न कि उनमें काट-छांट करना.

निहलानी ने अनुराग कश्यप की फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' को प्रमाणपत्र देने से पहले फ़िल्म के 89 दृश्यों पर कैंची चला दी थी, जिसके बाद कश्यप और उनकी फैंटम फ़िल्मस मामले को कोर्ट ले गए थे.

फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' 17 जून को रिलीज़ होने वाली है.

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