'भारत कभी अफ़ग़ानिस्तान का दोस्त नहीं हो सकता'

तोरखम

पाकिस्तान में तोरख़म सीमा पर अफ़ग़ानिस्तान के साथ चल रहे तनाव को लेकर इस समय आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.

मंगलवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली ख़ान ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान को ये फ़ैसला करना होगा कि क्या वो पाकिस्तान की शांति की कोशिशों का समर्थन करना चाहता है या फिर किसी और के खेल का हिस्सा होना चाहता है.

उन्होंने बयान जारी करके कहा था कि बॉर्डर मैनेजमेंट की पाकिस्तान की गंभीर कोशिश को सीमा पार से नाकाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया था कि अफ़ग़ानिस्तान किसी और के हाथ में खेल रहा है.

बुधवार को सुबह से ही पाकिस्तान में ट्विटर पर #IndiaStabbingAfghans यानी भारत अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के पीठ में छुरा घोंप रहा है, ट्रेंड करने लगा.

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बीबीसी मॉनिटरिंग के साजिद इक़बाल के मुताबिक़ सारा मामला पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर बन रहे एक गेट के कारण है. पाकिस्तान इस सीमावर्ती इलाक़े में लोगों की आवाजाही पर नज़र रखना चाहता है.

पाकिस्तान की सरकार ने एक जून से बिना वैध वीज़ा के अफ़ग़ानियों के पाकिस्तान आने पर पाबंदी लगा रखी है.

गेट बनाने के कारण रविवार और सोमवार को पाकिस्तानी और अफ़ग़ानिस्तान के बीच भारी गोलीबारी हुई. इस गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के एक मेजर की मौत हो गई और पाँच अन्य सैनिक अधिकारी घायल हो गए. ऐसी रिपोर्टें हैं कि अफ़ग़ानिस्तान की सेना में कुछ लोग हताहत हुए हैं.

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हदिया शाह ने ट्विटर हैंडल ‏@hadiyashah1 ने लिखा है- पाकिस्तान के दुश्मन अफ़ग़ानो को सीमावर्ती इलाक़ों में संघर्ष के लिए उकसा रहे हैं. ये पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान की समस्या में उलझाए रखने की चाल है.

फ़ातिमा अली (‏@FatimaAli52) ने लिखा है- तोरख़म सीमा पर गोलीबारी पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच नहीं बल्कि पाकिस्तान और अमरीका/भारत के बीच है.

महीन जिब्रान ने लिखा है- अफ़ग़ानिस्तान को दुख के सिवा कुछ नहीं मिलेगा. भारत कभी भी उनका दोस्त नहीं हो सकता.

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ट्विटर हैंडल ‏@IqraShafiq0 ने इक़रा ने लिखा है- भारत अफ़ग़ानिस्तान को मुर्ख बना रहा है. भारत अफ़ग़ानिस्तान को इस्तेमाल करके पाकिस्तान में शांति प्रक्रिया को नाकाम करना चाहता है.

वाबिल ख़ान ‏@WabilKkhan लिखते हैं- क्या आप लोगों ने यह नोटिस किया है कि डरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) तोरख़म सीमा पर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच हुई झड़प के बारे में ट्वीट नहीं कर रहे हैं.

लेकिन ज़ोबिया नाज़ (‏@ZobiaNazz) ने लिखा है- भारत को ज़िम्मेदार ठहराने से पहले अफ़ग़ानों को बाहर निकालों. हर हिंसा के लिए उन्हें भुगतना पड़ेगा.

मोबिन असलम ने लिखा है- अफ़ग़ानिस्तान सिर्फ़ फ़ायदे के साथ दोस्ती करता है.

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अहमद महमूद सदुज़ई ने ट्विटर हैंडल ‏@AhmedKhan272 लिखा है- जो भी छुरा घोंप रहा है, आने वाले समय में अफ़ग़ानिस्तान को भारी नुक़सान भुगतना होगा.

@Pushtoonguy हैंडल से लुक़मान खटक ने लिखा है- अफ़ग़ानिस्तान में सरकार की नीति ये है कि लोगों को तनाव में रखा जाए ताकि उनकी नाकामियों पर कोई ध्यान न दे पाए.

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