..इसलिए खूंखार हो गए हैं गिर के शेर?

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गुजरात के गिर नेशनल पार्क में रहने वाले 500 से अधिक शेर गुजरात की पहचान हैं.

ख़ासी बड़ी संख्या में पर्यटक वहां इन्हें देखने जाते हैं. लेकिन पिछले दो महीने में इन शेरों के व्यवहार में बदलाव दिख रहा है.

जंगल में रहने वाले शेरों ने अपने स्वभाव के उलट इंसानों पर छह हमले किए और तीन को अपना शिकार बना लिया.

शेरों के व्यवहार में आए इस परिवर्तन के बारे में शेर बचाओ मुहिम के कार्यकर्ता रेवतुभा रायज़ादा ने बीबीसी को बताया, "जब तक आप उन्हें नुकसान नहीं पहुचांते, वो आप पर हमला नहीं करते, क्योंकि वो शेर दिल होते हैं."

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वो कहते हैं, "फिर भी इंसान पर हमले की जो घटनाएं घट रही हैं, उसके पीछे गिर के जंगलों के आसपास बसे गांवों में हो रहे ग़ैरक़ानूनी 'लॉयन शो' ही जिम्मेदार हैं. इस शो ने शेर की आदतें बिगाड़ दी हैं और इसी का परिणाम इंसान भुगत रहे हैं."

रायजादा पिछले तीन दशकों से गिर के जंगलों में शेर और पर्यावरण विषय पर काम कर रहे हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "इंसान का शिकार करना शेर की आदत नहीं है, लेकिन पिछले पांच सालों से गिर के आसपास के गांवों में जो 'निजी लॉयन शो' आयोजित होते हैं, वहां छोटे जानवारों को मार कर शेरों को आकर्षित किया जाता है. अब मरे हुए जानवार खाना शेरों की आदत सी हो गई है."

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एक अध्ययन के अनुसार, शेर जंगल में आठ कोशिशों में एक बार शिकार हासिल करता है. लेकिन 'लॉयन शो' में आसानी से खाना मिलने लगा है.

वो बताते हैं कि दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आदत के कारण खेतों में सो रहे इंसानों को वो अपना शिकार समझने लगे हैं.

अब तक जिन छह लोगों का शेरों ने शिकार किया, वो सब सो रहे थे.

शेरों के विषय पर रिपोर्टिंग करने वाले राजकोट के विरिष्ठ पत्रकार विजय सिंह का कहना है, "ग़ैर क़ानूनी प्राइवेट लॉयन शो में शेरों को परेशान किया जाता है, उन्हें पत्थर भी मारे जाते हैं."

उनके अनुसार, "धीरे धीरे शेर का स्वभाव गुस्सैल हो जाता है और वो इंसान का शिकार करने लगते हैं."

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वो कहते हैं, "पहले भी इंसनों पर हमले होते थे, लेकिन शेर उन्हें खाता नहीं था, अब शिकार करके खा जाता है."

गिर की सरकारी लॉयन कंज़र्वेशन समिति की सदस्य रुचि दवे ने बीबीसी को बताया कि इंसान के इस शिकार के पीछे इंसान ही जिम्मेदार है, क्योंकि इंसानों ने शेर के इलाक़े में प्रवेश किया.

वो कहती हैं, "हमें शेरों के स्वभाव के अनुसार रहना होगा, शेरों के इलाके में टूरिज़्म के नाम पर हो रहे इस 'विकास' को रोकना होगा."

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उल्लेखनीय है कि गिर के वन विभाग ने इंसानों पर हमला करने के मामले में 18 शेरों को पकड़ा था, जिनमें तीन को नरभक्षी पाया गया.

निजी लॉयन शो के बारे में जब सवाल पूछा गया तो वन विभाग के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया.

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