गुजरात: दलितों के प्रदर्शनों, आगज़नी के बाद तनाव

इमेज कॉपीरइट Ankur Jain

गुजरात के वेरावल में दलितों की पिटाई का वीडियो वायरल होने और दलितों के उग्र प्रदर्शनों के बाद सौराष्ट्र में स्थिति तनावपूर्ण है. वहां वेरावल, राजकोट, सुरेंद्र नगर और गोंडल बुरी तरह प्रभावित हैं.

पुलिस के अनुसार वेरावल में कथित शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पिछले हफ़्ते कुछ दलितों को तब पीटा था जब वो जानवर की खाल उतार रहे थे. हालांकि बाद में गुजरात में शिवसेना ने अपने कार्यकर्ताओं के इस मामले से जुड़े बने से इनकार किया है.

सोमवार को दलितों ने उग्र प्रदर्शन किए थे और पुलिस के अनुसार सात लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने जांच के आदेश दिए थे और चार पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था.

पढ़ें- मारपीट के बाद दलितों का उग्र प्रदर्शन, आत्महत्या की कोशिश
इमेज कॉपीरइट Ankur Jain

स्थानीय पत्रकार प्रशांत दयाल के अनुसार, जिन दलितों ने आत्महत्या की कोशिश की थी, उनमें से दो की हालत गंभीर है.

उनके मुताबिक़ सोमवार की रात गोंडल, धोराजी और जूनागढ़ हाइवे पर सरकारी बसों को आग लगा दी गई और राजमार्ग जाम कर दिया गया. अब वहाँ बड़ी संख्या में पुुलिस मौजूद है.

गोंडल के डिप्टी एसपी एसएस रघुवंशी ने बीबीसी को बताया कि प्रदर्शनों में हिंसा पर उतर आई भीड़ पर काबू करने के लिए स्टेट रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में है.

प्रशांत दयाल के अनुसार दलित समुदाय के लोगों ने पूरे मामले पर अपना विरोध जताने के लिए सौराष्ट्र के सुरेंद्र नगर और गोंडल में सरकारी दफ़्तरों पर मरे हुए जानवर गिरा दिए हैं.

इमेज कॉपीरइट Prashant Dayal

राज्य के कई दलित संगठनों ने 20 जुलाई को गुजरात बंद का ऐलान भी किया है.

गुजरात में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने दलितों के इस आंदोलन को समर्थन दिया है. इसके बाद क्षेत्र में सियासी सरगर्मी भी बढ़ गई है.

पूरे मामले की जाँच अब गुजरात पुलिस की सीआईडी शाखा करेगी. पीड़ित दलित युवकों को चार-चार लाख रुपए का मुआवज़ा देेने की घोषणा हुई है.

मामले की तेज़ सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत बनाने की घोषणा की गई है.