ओबामा और रोमनी टीवी बहस में आमने-सामने

 गुरुवार, 4 अक्तूबर, 2012 को 06:39 IST तक के समाचार
ओबामा और रोमनी

अमरीका में राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल प्रमुख उम्मीदवार क्लिक करें डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के मिट रोमनी एक टीवी बहस में एक दूसरे के आमने-सामने हैं.

दोनों उम्मीदवारों के बीच ऐसी कुल तीन बहसें होनी है जिनमें से पहली बहस कोलोराडो प्रांत के डेनवर शहर में हो रही है. ये बहस अमरीकी चुनावी मुहिम का अहम हिस्सा होती हैं.

बहस के दौरान दोनों उम्मीदवार विभिन्न चुनावी मुद्दों पर चर्चा करेंगे और राष्ट्रपति पद के लिए खुद को एक दूसरे से बेहतर उम्मीदवार साबित करने की कोशिश करेंगे.

इस समय मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा और मिट रोमनी के बीच क्लिक करें कांटे की टक्कर बताई जा रही है.

क्या होंगे मुद्दे

बहस में मुख्यतः देश के अंदरूनी मुददों पर ही दोनों उम्मीदवार अपनी बहस केंद्रित रखेंगे.

इनमें सबसे अहम मुद्दा होगा अर्थवयवस्था का, जिसमें आर्थिक मंदी, बेरोज़गारी और अन्य विषयों पर बहस होने की अम्मीद है.

इसके अलावा अप्रवासन का मुद्दा भी मुख्य रूप से बहस का विषय बनेगा, जिसके तहत अमरीका में गैर-कानूनी तौर पर रह रहे लाखों विदेशी आप्रवासियों के साथ कैसा सलूक किया जाए, इस पर भी चर्चा हो सकती है.

उम्मीद है कि राष्ट्रपति क्लिक करें बराक ओबामा इस बहस के दौरान अपने पहले कार्यकाल की 'उपलब्धियां' गिनवाएंगे. और खासकर अर्थव्यवस्था को मंदी से निकालने में उनके प्रशासन की ओर से जो कदम उठाए गए उनका उल्लेख भी किया जा सकता है.

ओबामा और रोमनी

ओमाबा लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति पद को हासिल करने में जुटे हैं.

ओबामा इस बात पर भी जोर दे सकते हैं कि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मंदी से उबर रही है लेकिन इसे और तेजी से उबरना चाहिए.

वहीं उनके प्रतिद्वंदी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी की कोशिश होगी कि वह वोटरों को यह समझाएं कि राष्ट्रपति बराक ओबामा पिछले चार साल तक सत्ता में रहने के बावजूद अमरीकी अर्थव्यवस्था को मंदी से निकालने और बेरोजगारी को कम करने में नाकाम रहे.

मिट रोमनी की कोशिश होगी कि वह राष्ट्रपति बराक ओबामा की आर्थिक नीतियों को नाकारा बताएं और ये भी कहें कि उन नीतियों के कारण अभी तक अमरीकी अर्थव्यवस्था मंदी से उबर नहीं पाए हैं.

रिपब्लिकन उम्मीदवार वोटरों को कहेंगे कि वो अमरीकी अर्थव्यवस्था को बेहतर करने और बेरोज़गारी दूर करने के लिए बेहतर उम्मीदवार हैं.

वहीं बराक ओबामा वोटरों को यह बताने की कोशिश करेंगे कि रोमनी, जो कि एक अमीर उद्योगपति हैं, वो तो आम अमरीकियों की मुश्किलों को सही तरह नहीं समझते हैं और उनकी आर्थिक नीति में अमीरों को टैक्स और अन्य छूट दी जाएगी और गरीबों पर और टैक्स लगा दिए जाएंगे.

ओबामा की दुहाई

इस चुनाव में अमरीकी लोगों के लिए सबसे अहम मुद्दे अर्थव्यवस्था की मंदी और बेरोज़गारी ही हैं.

नवंबर की 6 तारीख को चुनाव होने हैं और अब भी अमरीका में बेरोज़गारी की दर 8 प्रतिशत से उपर ही है, जो बहुत अधिक मानी जाती है.

बराक ओबामा ये दुहाई देते नज़र आते हैं कि चूंकि अमरीकी संसद के प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी का 2010 के बाद से बहुमत है इसलिए उनकी कई आर्थिक नीति संबंधी प्रस्तावों को मंज़ूर ही नहीं किया गया.

रोमनी

रोमनी ओबामा की बुनियादी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं.

लेकिन रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि सन 2009 और 2010 में दो साल प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत प्राप्त था लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अर्थव्यवस्था की मंदी और बेरोज़गारी को कम करने के लिए कदम नहीं उठाए.

इसके अलावा अप्रवासन के मुद्दे पर भी ज़ोरदार बहस होने की अम्मीद है क्योंकि दोंनो ही उम्मीदवार इस मुद्दे पर लातिन मूल के वोटरों को रिझाने की कोशिश करेंगे.

लेकिन रोमनी अप्रवासन के मुद्दे पर सख्त रूख अपनाते हैं और इसलिए उनको लातीनी वोटरों की कम हिमायत हासिल है.

खासकर हाल ही में ओबामा प्रशासन ने अमरीका में गैरकानूनी तौर पर रह रहे नौजवानों को अस्थाई तौर पर रहने और काम करने की इजाज़त दे दी. इसी के चलते बहुत से लातिन लोगों में बराक ओबामा के लिए समर्थन में बढ़ोतरी देखी जा रही है.

इसके अलावा समलैंगिक रिश्ते, गर्भपात और बंदूक रखने के कानून जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी गर्मागर्म बहस होने की उम्मीद है.

दोनों ही उम्मीदवार कई दिनों से इस बहस की तैयारी में भी जुटे रहे हैं. इस दौरान दोनों की ही कोशिश है कि वो अपने प्रतिद्वंदी को चित करने के लिए अहम मुद्दों और बिंदुओं को और धारदार बनाएं.

रोमनी के लिए मौका

डेनवर विश्विद्यालय में स्थानीय समय से रात 9 बजे शुरू होने वाली इस बहस की शुरूआत बराक ओबामा एक छोटे से भाषण से करेंगे. इसके बाद रोमनी को अंत में अपना भाषण देने का मौका मिलेगा.

अमरीका के पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन के जिम लेहरर इस बहस का संचालन करेंगे. और वह ही कुछ सवाल भी पूछेंगे.

90 मिनट की इस बहस के दौरान कुल 6 मुद्दों पर बहस करने के लिए हर उम्मीदवार को 15 मिनट मिलेंगे. और दोनों उम्मीदवार एक दूसरे से भी सवाल पूछ सकेंगे और बहस भी कर सकेंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव

किसे चुनेगी अमरीका की जनता

माना जा रहा है कि इस बहस को करोड़ों अमरीकी लोग टीवी पर देखेंगे. इस दौरान उम्मीदवारों के हाव भाव, उनका तौर तरीका, उनके चेहरे के उतार चढ़ाव सब पर बारीक नज़र रखी जाती है.

जानकारों का मानना है कि मिट रोमनी के लिए यह चुनावी बहस अधिक अहमियत रखती है क्योंकि उनके लिए वोटरों के सामने खुद को बेहतर साबित करने का ये एक मौका होगा.

बराक ओबामा को राष्ट्रपति के रूप में अधिकतर अमरीकी बखूबी पहचानते हैं, लेकिन मिट रोमनी के बारे में अब भी बहुत से अमरीकियों को कम ही जानकारी है.

ओहायो, वर्जीनिया, फ्लोरिडा जैसे कई राज्य ऐसे हैं जहां अब भी ओबामा और रोमनी के बीच कांटे की टक्कर है और किसी को भी जीत मिल सकती है.

फ्लोरिडा में ताज़ा सर्वेक्षण में ओबामा को 46 प्रतिशत और रोमनी को 43 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल है जो कांटे की टक्कर मानी जाती है. वर्जीनिया में भी दोंनो के बीच दो तीन अंकों का ही अंतर है.

बराक ओबामा और मिट रोमनी के बीच इसके बाद दो और चुनावी बहस होंगी.

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