घरेलू मुद्दों पर ओबामा-रोमनी में तीखी बहस

  • 4 अक्तूबर 2012
ओबामा और रोमनी
Image caption राष्ट्रपति चुनाव के दौरान टीवी बहस की पुरानी परंपरा है

अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए चुनावी मुहिम के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के अम्मीदवार मिट रोमनी टीवी बहस में एक दूसरे के आमने सामने आए.

बहस की शुरूआत से ही दोंनो ने देश में आर्थिक मंदी, टैक्स नीतियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और बेरोज़गारी को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की झ़ड़ी लगा दी.

बराक ओबामा ने अपने पहले कार्यकाल की उपलब्धियाँ गिनवाईं तो मिट रोमनी ने उनकी खामियाँ गिनवाते हुए उनको बदलने की बात कही.

दोनों उम्मीदवारों के बीच ये पहली टीवी बहस थी. परंपरा के अनुसार दोनों उम्मीदवारों के बीच छह नवंबर को चुनाव से पहले दो और टीवी बहस होगी.

टीवी पर पहली बहस में मुख्य रूप से देश के अंदरूनी मुद्दों से जुड़े विषयों पर ही दोनों उम्मीदवारों ने अपनी बात रखी. अगली बहसों में विदेश नीति आदि पर बात होगी.

टैक्स से स्वास्थ्य तक

बराक ओबामा ने कहा कि मिट रोमनी अमीरों को टैक्स छूट देंगे और गरीबों पर टैक्स और बढ़ा देंगे और वही आर्थिक नीति अपनाएंगे जिसकी वजह से 2008 में आर्थिक मंदी का दौर शुरू हुआ था.

Image caption वैसे ओबामा लोकप्रिय रहे हैं लेकिन उनकी आर्थिक नीतियों पर काफ़ी विवाद रहा है

सलालेकिन मिट रोमनी ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा जो कह रहे हैं वह सही नहीं है. रोमनी ने कहा कि वह टैक्स की दर सभी पर कम करेंगे जिससे छोटे व्यापारियों का मुनाफ़ा बढ़े जिससे और नौकरियां बढ़ें.

रोमनी ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने चार साल के कार्यकाल में अमरीकी बजट का घाटा कम करने के लिए कुछ नहीं किया. और उनके प्रशासन ने अपने खर्चों को भी कम नहीं किया.

बराक ओबामा ने कहा कि उनकी नीतियों से कई सरकारी विभागों में खर्चे कम किए गए हैं.

इसके अलावा दोंनो उम्मीदवारों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों को लेकर भी जमकर आरोप प्रत्यारोप लगाए.

रोमनी ने कहा कि अगर मौजूदा स्वास्थ्य सुधारों को, जिसे राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लागू करवाया है, उससे सभी को स्वास्थय सेवाएं नहीं मिल पाएंगी और सरकार ही तय करेगी कि कौन किस कंपनी से स्वास्थ्य इंश्योरेंस हासिल करे.

लेकिन बराक ओबामा ने कहा कि उनके सुधारों से सभी को सेवाएं हासिल होंगी और उन सेवाओं की लागत भी कम होगी.

लेकिन रोमनी ने कहा कि वह अगर सत्ता में आए तो वह बराक ओबामा के स्वास्थ्य सुधारों को रद्द कर देंगे.

कौन है बेहतर?

कोलोराडो प्रांत के डेनवर शहर में रोमनी और ओबामा के बीच हुई इस बहस के दौरान दोनों उम्मीदवारों का मुख्य उद्देश्य था कि वह अमरीकी जनता को यह समझा सकें कि अगला राष्ट्रपति बनने के लिए वह ही बेहतर उम्मीदवार हैं.

इस समय बराक ओबामा और मिट रोमनी के बीच कांटे की टक्कर है.

Image caption मिट रोमनी के सामने अपनी पहचान बनाने की भी चुनौती है

इस चुनाव में अमरीकी लोगों के लिए सबसे अहम मुद्दे आर्थिक मंदी और बेरोज़गारी ही हैं.

नवंबर की छह तारीख को चुनाव होने हैं और अब भी अमरीका में बेरोज़गारी की दर आठ प्रतिशत से उपर ही है, जो बहुत अधिक मानी जाती है.

अमरीका के पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन के जिम लेहरर ने इस बहस को संचालित किया.

इस बहस को करोड़ों अमरीकी लोग टीवी पर देखते हैं. इसके दौरान उम्मीदवारों के हाव भाव, उनका तौर तरीकों और उनके चेहरे के उतार चढ़ाव सब पर बारीक नज़र रखी जाती है.

जानकारों का मानना है कि मिट रोमनी के लिए इस चुनावी बहस की बहुत अहमियत थी क्योंकि उनके लिए यह मौका है था कि वे अमरीका भर के लोगों के सामने अपनी उम्मीदवारी की दलीलों को बेहतर तरह रख सकें और अपने बारे में वोटरों को और जानकारी दे सकें.

बराक ओबामा को बहैसियत राष्ट्रपति अधिकतर अमरीकी बखूबी पहचानते हैं, लेकिन मिट रोमनी के बारे में अब भी बहुत से अमरीकी लोगों को कम जानकारी है.

ओहायो, वर्जीनिया, फ़्लोरिडा जैसे कई राज्य ऐसे हैं जहां अभी भी ओबामा और रोमनी के बीच कांटे की टक्कर है और किसी को भी जीत मिल सकती है.

फ़्लोरिडा में ताज़ा सर्वेक्षण में ओबामा को 46 प्रतिशत और रोमनी को 43 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल है जो कि कांटे की टक्कर मानी जाती है. वर्जीनिया में भी दोनों के बीच दो तीन अंकों का ही अंतर है.

बराक ओबामा और मिट रोमनी के बीच इसके बाद दो और चुनावी बहस होंगी.

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