अमरीका: सूखे के बीच 'पानी' का निर्यात?

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एक तरफ जहां अमरीका के ज़्यादातर इलाकों में बर्फीले तूफान ने खूब कहर मचाया, वहीं कैलिफ़ोर्निया पिछले एक दशक से भयंकर सूखे से जूझ रहा है. मगर खेती के लिहाज़ से अमरीका का सबसे महत्वपूर्ण राज्य कैलिफ़ोर्निया अरबों गैलन पानी से उगाई हुई सूखी घास चीन को निर्यात कर रहा है. आखिर क्यों?

कैलिफ़ोर्निया में पड़ रहे ऐतिहासिक सूखे के कारण यहां के जलाशयों में ज़्यादा पानी नहीं बचा है.

जॉन डोफ़्लेमर किसान हैं. उन्हें अपने मवेशियों को सेहतमंद रखने के लिए चारे के रूप में घास की सख्त ज़रूरत रहती है.

कैलिफ़ोर्निया के सेंट्रल वैली में डोफ्लमेर जैसे किसान अब अपने मवेशियों को बेच रहे हैं. दूसरी ओर अन्य किसान वैसी फसलें उगाने लगे हैं जिनमें पानी की कम से कम ज़रूरत पड़ती हो.

भयानक सूखा

कैलिफ़ोर्निया अमरीका का सबसे बड़ा कृषि प्रदेश माना जाता है. यहां अमरीका के कुल फल और सब्ज़ी उत्पादन का आधा होता है.

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सूखे से उपजे संकट में फंसे किसान तत्काल मदद मांग रहे हैं. लोगों से पानी का संरक्षण करने की अपील की जा रही है. दूसरी ओर गवर्नर ने रिकॉर्ड स्तर पर सूखा पड़ने की बात कही है.

इसके विपरीत राज्य का दूसरा छोर पानी से तर है. दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के एक इलाके में पौधों पर पानी का छिड़काव यूं किया जा रहा है, मानो बारिश हो रही हो.

इस इलाके के किसान सूखी घास उगाते हैं, और इसे चीन को निर्यात करते हैं. यह इलाका है, 'इंपीरियल वैली'.

दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के सीमावर्ती इलाके में स्थित 'इंपीरियल वैली' में किसान और स्थानीय लोग अपनी ज़रूरतें यहां की कोलोरैडो नदी से पूरी करते हैं.

कोलोरैडो नदी के पानी से कई हेक्टेयर ज़मीन में खेती की जाती है. ज़्यादातर खेतों में सूखी घास उपजाई जाती है. इस घास को बहुत मात्रा में पानी की ज़रूरत पड़ती है.

एरिज़ोना लॉ कॉलेज के प्रोफ़ेसर रॉबर्ट ग्लेनन कहते हैं, "प्रदेश सूखे संकट से जूझ रहा है और सूखी घास के रूप में अरबों गैलन पानी कैलिफ़ोर्निया से हर साल अल्फ़ाल्फ़ा के रूप में निर्यात किया जा रहा है."

वे आगे कहते हैं, "इतने पानी से तो अरबों परिवार के साल भर की पानी की ज़रूरत पूरी हो सकती है. पानी की ये मात्रा काफी ज़्यादा है. खासकर तब, जब राज्य भयानक सूखे की चपेट में है."

'कम उत्पादन लागत'

के एंड एम प्रेस के मैनुएल रामीरेज़ 'इंपीरियल वैली' के उन महत्वपूर्ण कारोबारियों में से हैं जो सूखी घास का निर्यात करते हैं. उनके अनाज घर में सूखी घास को कंटेनरों में पैक किया जाता है. फिर

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इसे बंदरगाह भेजा जाता है. वहां से ये कंटेनर एशिया और मध्य-पूर्व के देशों में भेजे जाते हैं.

मैनुएल रामीरेज़ कहते हैं, "पिछले कई सालों में चीन को किए जा रहे निर्यात में इज़ाफ़ा हुआ है. हमने पांच साल पहले सूखी घास का निर्यात शुरू किया था. अब इसकी मांग बढ़ गई है."

उनका मानना है, "इस इलाके में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होने के कारण यहां सूखी घास की खेती में कम लागत आती है. कम लागत के कारण हम सूखी घास को बाहर के बाज़ारों में भेजने में सक्षम हैं."

सूखी घास का निर्यात न केवल व्यावहारिक है, बल्कि ये मुनाफे से भी भरा है.

प्रोफेसर ग्लेनन का कहना है, "हम निर्यात से ज़्यादा आयात करते हैं. आयात के बदले में जिन उत्पादों की आयातक देश मांग करते हैं, उनमें से एक सूखी घास है."

सूखी घास को लॉस एंजेलिस से बीजिंग भेजना, देश के भीतर इंपीरियल वैली से सेंट्रल वैली भेजने की अपेक्षा ज़्यादा किफ़ायती है.

'अर्थव्यवस्था में मददगार'

रॉन्नी लांग्रुबर सूखी घास उपजाने वाले किसान हैं. वे मानते हैं कि घास की खेती करके वे मंदी से जूझ रही अमरीका अर्थव्यवस्था की मदद कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि जितनी मात्रा में सूखी घास उपजाई जाती है उसका एक छोटा हिस्सा ही चीन भेजा जाता है.

वे कहते हैं, "मेरे हिसाब से तो ये वैश्विक अर्थव्यवस्था का हिस्सा है. हमें देश के व्यापार असंतुलन को ठीक करने की ज़रूरत है, और 'इंपीरियल वैली' में हम सूखी घास का निर्यात कर यही कर रहे हैं."

उनका मानना है कि सूखी घास के निर्यात को "पानी संकट" से जोड़ा जाना तर्कसंगत नहीं है क्योंकि खेती से जुड़े जितने भी उत्पाद निर्यात किए जाते हैं, उन सब की खेती के लिए पानी की ज़रूरत पड़ती है.

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लांग्रुबर कहते हैं, "किसी फिल्मी सितारे के लिए गोल्फ़ कोर्स तैयार करने में पानी की बर्बादी ज़रूरी है या ये ज़रूरी है कि किसान उस पानी का इस्तेमाल कर फसलें उगाए और उन्हें निर्यात करें जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मदद मिले?"

सख्त ऐतराज़

कैलिफ़ोर्निया में उगाई जाने वाली सूखी घास जापान, कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात को निर्यात की जाती है. सूखे के कारण उत्पादन कम होने से घास की कीमत इतनी ज़्यादा हो गई है कि इसे खरीदना स्थानीय डेयरी किसान और खेतिहर किसानों के बूते के बाहर हो गया है.

जॉन डॉफ्लेमर, जो कि एक किसान हैं, सूखी घास के निर्यात को पानी संकट से जोड़ कर देखते हैं. उन्हें घास को विदेशों मे भेजे जाने पर सख्त ऐतराज़ है.

इंपीरियल वैली से सूखी घास से लदे हुई कई ट्रकों को बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है. यहां यह नज़ारा आम है.

महंगी होने के बावजूद सूखी घास खरीदना पशुओं की मदद से खेती करने वाले किसानों की मजबूरी है.

हालांकि हाल ही में उत्तरी कैलिफ़ोर्निया में बारिश हुई है, फिर भी यहां पानी का संकट चिंताजनक स्तर पर है.

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