ब्राजील विश्व कपः प्रदर्शनकारियों और पुलिस में टकराव

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ब्राजील की दंगा निरोधक पुलिस ने साओ पाअलो में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ें. तीन दिन बाद ही मुख्य स्टेडियम में विश्व कप फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू होने वाली है.

मौके पर मौजूद बीबीसी की कैटी वाटसन ने बताया कि घटनास्थल पर करीब 300 प्रदर्शनकारी मौजूद थे. वहीं आसमान में कई हेलिकॉप्टर भी मंडरा रहे थे.

साओ पाअलो में मेट्रोकर्मी वेतन में 12.2 फीसदी बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर कई दिनों से हड़ताल पर हैं.

ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने चेतावनी दी है कि वे विश्व कप में बाधा पहुंचाने वाले इस तरह के हिंसक प्रदर्शनों को बर्दाश्त नहीं करेंगी.

नाराजगी

साओ पाअलो के मेट्रोकर्मी पिछले गुरुवार से ही अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं. ऐसे में यातायात अराजक स्थिति में पहुंच गया है. ये शहर दुनिया के सबसे भीड़-भाड़ वाले शहरों में से एक माना जाता है.

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काम पर वापस लौटने के अदालत के आदेश के बावजूद रविवार को प्रदर्शनकारियों ने तय किया है कि वे अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे.

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार पुलिस ने हड़ताल पर डटे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने में सफल रही. लेकिन साथ ही यह भी जाहिर हो गया कि लोगों में फुटबॉल विश्व कप पर हो रहे भारी खर्च से असंतोष है.

यदि ये हड़ताल गुरुवार तक चलती है तो मेजबान ब्राजील और क्रोएशिया के बीच होने वाले उदघाटन मैच पर बुरा असर पड़ सकता है.

अतिरिक्त पुलिस बल

एरेना कोरिंथियंस स्टेडियम साओ पाअलो के बाहरी छोर पर स्थित है. यातायात सुविधाओं के अभाव में स्थल पर पहुंचना फुटबॉल के प्रशंसकों के लिए चुनौती साबित हो सकता है.

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निर्माण कार्य में देरी और हड़ताल के कारण विश्व कप की तैयारियों में काफी बाधा पहुंची है.

लेकिन राष्ट्रपति रोसेफ ने लोगों को आश्वासन दिया है कि सरकार टूर्नामेंट के दौरान 'लोगों की सुरक्षा की पूरी गारंटी' लेती है और वह उन पर किसी तरह की आंच नहीं आने देगी.

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विश्व कप फुटबॉल में खेलों के दौरान किसी तरह की बाधा न आए इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार हजारों की संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और सैनिकों को तैनात करेगी.

पिछले साल लाखों लोगों ने फुटबॉल विश्व कप और 2016 में रियो में होने वाले ओलंपिक पर हो रहे भारी खर्च से नाराज़ होकर ब्राजील के प्रमुख शहरों में सड़कों पर प्रदर्शन किया था.

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