बीबीसी इंडिया बोल... लाइव टेक्स्ट

बीबीसी हिंदी की विशेष लाइव कमेंटरी. बीबीसी हिंदी की विशेष लाइव कमेंटरी.
यह अपने आप अपडेट होता रहेगा.

ताज़ा पेज देखें

IST 2029 बीबीसी इंडिया बोल में आज बस इतना ही. नमस्कार.

IST 2028 रामदत्त त्रिपाठी कहते हैं कि सबसे बड़ी दिक्कत है कि मायावती अपनी ही पार्टी के सामान्य लोगों की नहीं सुनतीं. हो सकता है उन्हें बाद में पाश्चाताप हो.

IST 2027 समस्तीपुर से बालचंद्र, ऐसी नेता को चुनना ही नहीं चाहिए.

IST 2026 इसलिएसुरक्षा भी ज़रूरी है. हमें नई मूर्ति लगवाने के लिए लाठी खानी पड़ी.

IST 2025 मोहम्मद सलीम कहते हैं कि इलाहाबाद में अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी गई, जवाब में मदन मोहन मालवीय की मूर्ति तोड़ी गई.

IST 2024 देश का भला चाहिए तो किसी सवर्ण या दलित की मूर्ति से काम नहीं चलेगा, इसके लिए सभी मूर्तियों को नकार दीजिए.

IST 2023 एमके सक्सेनादिल्ली से कहते हैं कि मोहम्मद सलीम के विचार से उन्हें निराशा हुई.

IST 2022 महेश मिश्र (हैदराबाद) ने ई-मेल से दिए संदेश में कहा है कि वो दिन दूर नहीं जब एके-47 से सुरक्षाकर्मी पक्षियों को भगाएंगे.

IST 2021 इससे रोज़गार भी मिला है लोगों को लेकिन ये मामला भावना से जुड़ा है.

IST 2020 रामदत्त कहते हैं कि समाज का एक तबका अभी मानता है कि समानता नहीं मिली.

IST 2018 दिल्ली से रमन कहते हैं कि लोक कल्याणकारी राज्य में मायावती का क़दम कैसे उचित ठहरा सकते हैं?

IST 2017 लेकिन मोहम्मद सलीम कहते हैं कि जब दलित समुदाय के उत्थान की बात होती है, तभी सवाल क्यों उठते हैं?

IST 2016 सुमन द्विवेदीदेवरिया से कहती हैं, पार्क की सुरक्षा से ज़्यादा इंसान को सुरक्षा ज़रूरी. जीवित पर ध्यान दें.

IST 2015 हां सरकार कहती रही है कि अंबेडकर की मूर्तियों पर कई बार हमले हुए, मुलायम बुल्डोजर चलाने की बात करते हैं, तो इसके लिए सुरक्षा ज़रूरी.

IST 2014 रामदत्त त्रिपाठी, जहां तक सुरक्षाबल की बात है, उसकी प्रासंगिकता बताना मुश्किल है.

IST 2012 प्रभात रंजन चौधरी सीतामढ़ी, बिहार से कहते हैं कि इस तरह पैसे व्यय करना नाइंसाफ़ी है.

IST 2011 इंद्रजीत राम इलाहाबाद से कहते हैं कि मूर्तियां लगवाना तार्किक नहीं लेकिन परंपरा पहले से.

IST 2010 बनारस से राम लखन राम कहते हैं कि ये प्रथा मायावती ने शुरु नहीं की.

IST 2009 बीकानेर से रामजी लाल कहते हैं कि ये सब ढोंग है, अच्छा होता मूर्तियाँ बनवाने की बज़ाए मायावती दलितों के लिए घर बनवातीं.

IST 2008 रामदत्त त्रिपाठी कहते हैं कि सरकारी धन से अपनी मूर्तियाँ लगवाने पर आपत्ति ज़्यादा है.

IST 2006 सलीम कहते हैं कि दलित चेतना और उत्थान के लिए मायावती काम कर रही हैं.

IST 2004 इलाहाबाद से मोहम्मद सलीम कहते हैं कि अब तक गांधी परिवार के नाम पर ही हर चीज़ का नामाकरण तो दलितों महापुरुषों के नाम पर क्यों नहीं.

IST 2002 बिहार से सदैव कहते हैं कि जाति के रंग में मामले को न रंगे.

IST 2001 श्रवण कहते हैं कि दलित विरोधी मानसिकता के कारण इसका विरोध हो रहा है.

IST 2000 सवाल यही कि अपने स्मारकों की रक्षा के लिए विशेष दस्ता बनाना कितना सही?

IST 1959 बीबीसी इंडिया बोल में आपका स्वागत है. मैं हूं आलोक कुमार. नमस्कार.

IST 1957 कार्यक्रम बस कुछ ही क्षणों में. रूपा झा मौजूद है स्टूडियो में.

IST 1940 इस विषय पर लखनऊ से होंगे हमारे संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी

IST 1935 कार्यक्रम में लाइव हिस्सा लें लाइव टेक्स्ट के ज़रिए या कॉल करें टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर.

IST 1935 इसबार का विषय है- अपनी मूर्तियों और स्मारकों की सुरक्षा के लिए विशेष दस्ते का गठन कितना जायज़?

IST 1935 बीबीसी इंडिया बोल की ओर से आप सभी का स्वागत. अब से कुछ देर में यानी 25 मिनट बाद हम होंगे आपसे रूबरू...लाइव

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.