अमरीकी चुनाव में उम्मीदवार अपनी बीमारी छुपा रहे हैं?

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अमरीका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने अपनी निमोनिया की बीमारी को ज्यादा तूल देने से मना किया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि वो "बहुत बेहतर महसूस कर रही है."

हालांकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी सेहत पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हिलेरी शारीरिक रूप से राष्ट्रपति की ज़िम्मेदारी संभालने लायक नहीं हैं.

हिलेरी और ट्रंप में से जो कोई भी अमरीका का राष्ट्रपति बनेगा, वो अमरीका का अब तक का सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होगा.

ट्रंप की उम्र जहां 70 साल है वहीं हिलेरी 68 साल की हैं.

इस विवाद के बाद ये बहस तेज़ हो गई है कि क्या इस बार राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारों की तबियत भी बहस का मुद्दा हो सकता है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

ताज़ा घटनाक्रम की शुरुआत उस वक़्त हुई जब हिलेरी क्लिंटन 9/11 की बरसी पर बीमार पड़ गईं और उसके बाद उन्हें कैलिफोर्निया का दौरा रद्द करना पड़ा.

बाद में पता चला कि उन्हें निमोनिया हो गया है, लेकिन अब वो अपने आप को पूरी तरह से ठीक बता रही हैं और चुनाव प्रचार अभियान पर वापस लौटने कि लिए परेशान हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने हिलेरी के बीमार होने का राजनीतिक फ़ायदा उठाना सही नहीं समझा. उन्हें लगा कि यह घटनाक्रम खुद हिलेरी के अभियान को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए उन्होंने सिर्फ हिलेरी के स्वस्थ होने की कामना भर की और अधिक कुछ नहीं कहा.

लेकिन ट्रंप के खेमे ने हिलेरी के धैर्य को पहले ही आज़मा लिया है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अर्नेस्ट यह बात कबूल कर चुके हैं कि इस बार राष्ट्रपति चुनाव में दोनों ही उम्मीदवारों का स्वास्थ्य चिंता का विषय है.

डोनाल्ड ट्रंप बार-बार हिलेरी को 'अनफिट' करार देते रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन

हिलेरी के चाहने वालों ने डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों पर हिलेरी के ख़िलाफ़ 'साज़िश' करने का आरोप लगाया है.

ट्रंप के समर्थकों ने हिलेरी के स्वास्थ्य को लेकर कुछ ऐसे संदेह भी जताए हैं जिसके बारे में लोगों को बताया नहीं जा रहा है.

जबकि हिलेरी क्लिंटन का दावा है कि वो सार्वजनिक जीवन में इस दौर की सबसे अधिक पारदर्शिता बरतने वाली शख़्सियत हैं. उनके प्रचार अभियान के एक प्रवक्ता ने कहा है कि जल्द ही वो नई मेडिकल रिपोर्ट जारी करेंगी ताकि इससे जुड़ी चिंताओं को कम किया जा सकें.

दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप भी अपनी मेडिकल रिपोर्ट जारी करने वाले हैं.

दोनों ही उम्मीदवार प्रचार अभियान के दौरान अपने-अपने स्वास्थ्य के बेहतर होने का दावा कर चुके हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

हिलेरी क्लिंटन की डॉक्टर लीसा बरडेक ने साल 2012 में उनके खून के थक्के जमने के कारण सर्जरी होने के बाद बताया था कि वो "पूरी तरह से ठीक हैं और अमरीका की सेवा करने के लिए फिट हैं."

हिलेरी क्लिंटन ने पिछले साल डॉक्टर लीसा बरडेक का दो पेजों का पत्र जारी किया था लेकिन अपनी पूरी मेडिकल रिपोर्ट जारी नहीं की थी.

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने एक छोटा सा नोट जारी किया था जिसमें उनके डॉक्टर हैरोल्ड एन बॉर्नस्टिन ने स्पष्ट किया था कि ट्रंप का स्वास्थ्य 'ज़बरदस्त' है और वो राष्ट्रपति बनने की हालत में 'अभी तक के सबसे फिट राष्ट्रपति होंगे'.

इमेज कॉपीरइट AFP

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य को लेकर पारदर्शिता नहीं बरतना ख़राब स्वास्थ्य से ज्यादा उम्मीदवार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला होगा.

न्यूयॉर्क टाइम्स के पूर्व संपादक जिल एब्रामसॉन ने बीबीसी के वर्ल्ड एट वन प्रोग्राम में कहा कि मतदाता हिलेरी क्लिंटन पर ज्यादा भरोसा नहीं करते और स्वास्थ्य को लेकर संदेह की स्थिति इस धारणा को और मजबूत बनाएगी.

लेकिन हिलेरी इसे लेकर ज्यादा गंभीर नहीं नज़र आतीं. हालांकि वो यह मानती हैं कि उनके स्वास्थ्य को लेकर होने वाला कवरेज नकारात्मक और औरतों के कमजोर होने की धारणा को मजबूत बना रहा है.

अमरीका में कुछ ऐसे राष्ट्रपति हुए हैं जिन्होंने अपनी बीमारी लंबे वक़्त तक छुपा रखी थी.

इस सूची में वुडरो विल्सन, फ्रेंकलिन डी रूज़वेल्ट और जॉन एफ कैनेडी के नाम शामिल हैं.

वुडरो विल्सन को कई स्ट्रोक आ चुके थे. वहीं फ्रेंकलिन डी रूज़वेल्ट दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप, ब्रोंकाइटिस और फेफड़े के रोग से पीड़ित थे.

जॉन एफ कैनेडी को गंभीर रूप से पीठ दर्द था और वे एक ऐसी बीमारी से पीड़ित थे जिसमें मरीज को हर दिन स्ट्रॉयड लेना पड़ता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)