'पाक को आतंकवाद का प्रायोजक घोषित करें'

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Image caption बराक ओबामा को नब्बे दिनों में इस मामले मे रिपोर्ट देनी है

अमरीका के दो सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवाद को स्पॉन्सर करनेवाला देश घोषित करने के लिए बुधवार को कांग्रेस में एक बिल पेश किया है.

अमरीकी प्रतिनिधि सभा में आतंकवाद पर एक प्रभावशाली सब-कमिटी के अध्यक्ष टेड पो और सांदा डेना रोहराबाकर की तरफ़ से ये बिल लाया गया है.

ये बिल ठीक उस दिन आया है जिस दिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने जा रहे हैं.

पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ़ टेरॉरिज़िम डेज़िगनेशन ऐक्ट के नाम से लाए गए इस बिल में कहा गया है- ''पाकिस्तान न सिर्फ़ भरोसे के काबिल नहीं है, बल्कि उसने बरसों से अमरीका के दुश्मनों को पनाह और मदद दी है.''

सब-कमिटी के अध्यक्ष टेड पो ने कहा है, "ओसामा बिन लादेन को पनाह, हक्कानी नेटवर्क के साथ रिश्ते और अन्य कई सबूत हैं जिनसे साफ़ है कि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग में किसके साथ है. ज़ाहिर है अमरीका के साथ नहीं है."

जहां ये बिल पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, वहीं जानकारों की राय है कि इस बिल के अपनाए जाने के आसार बिल्कुल नहीं हैं.

व्हाइट हाउस में पाकिस्तान मामलों की निदेशक रह चुकीं शमायला चौधरी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि दोनों देश अभी उस मोड़ पर नहीं पहुंचे हैं जहां वो बिल्कुल ही एक दूसरे से रिश्ता तोड़ लें.

अमरीकी कांग्रेस यानी प्रतिनिधि सभा के ये दोनों सदस्य पहले भी पाकिस्तान को फ़ौजी और आर्थिक मदद रोकने और बलोचिस्तान में जनमत संग्रह करवाने के लिए कांग्रेस में आवाज़ उठाते रहे हैं.

शमायला चौधरी का कहना था, "इस बार फ़र्क ये है कि अब अफ़गानिस्तान में अमरीका की पाकिस्तान पर निर्भरता काफ़ी कम हो गई है और प्रशासन भी इस रिश्ते को काफ़ी बारीकी से देख रहा है."

उनका कहना था कि इस बिल के आगे जाने के आसार तो नहीं हैं, लेकिन इसकी वजह से पाकिस्तान को मिलने वाली दूसरी मदद पर और असर हो सकता है.

इस बिल के आने से ओबामा प्रशासन को इस पर औपचारिक रूप से जवाब देना होगा.

सब-कमिटी के अध्यक्ष टेड पो ने अपने बयान में कहा है कि राष्ट्रपति को 90 दिनों के अंदर रिपोर्ट देनी होगी कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद में मदद की है या नहीं.

उसके 30 दिनों के बाद विदेश मंत्री को एक रिपोर्ट जारी करनी होगी कि पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करनेवाला देश करार दिया जाए या फिर विस्तार से बताना होगा कि ऐसा क्यों नहीं हो सकता.

टेड पो का कहना था, "वक़्त आ गया है कि हम पाकिस्तान को उसकी धोखाधड़ी के लिए पैसे देने बंद करें और उसे वो दर्जा दें जो वो है—आतंकवाद को प्रायोजित करनेवाला देश."

ओबामा प्रशासन में भी पिछले दिनों में पाकिस्तान के प्रति जो रवैया है उसमें काफ़ी सख़्ती आई है. लेकिन जानकारों का कहना है कि परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान के साथ संबंध बिल्कुल ही तोड़ लेना सही रास्ता नहीं होगा और प्रशासन उस दिशा में आगे नहीं जाएगा.

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Image caption पाकिस्तान में चरमपंथी फाइल फोटो

इस बिल पर राष्ट्रपति ओबामा को 'अंतरराष्ट्रीय आंतकवाद' को पाकिस्तान के कथित समर्थन के बारे में नब्बे दिनों में रिपोर्ट देनी होगी.

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