ट्रंप-हिलेरी बहस- नौकरियों, इराक़, ईमेल के मुद्दे छाए

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अमरीका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार - रिपब्लिकन डोनल्ड ट्रंप और डेमोक्रैट हिलेरी क्लिंटन की 'प्रेसिडेंशियल डिबेट' में आर्थिक और कर नीति पर तीखी बहस की है.

मुख्य उम्मीदवारों के बीच चुनाव से पहले सीधी बहस अमरीकी चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है.

ट्रंप ने आरोप लगाया कि हिलेरी के पास नौकरियां पैदा करने की कोई योजना नहीं है. हिलेरी ने वादा किया कि वो पूँजी निवेश बढ़ाएंगी और दावा किया एक करोड़ नौकरियां पैदा करेंगी.

हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप अपनी ही दुनिया में जी रहे हैं और टैक्स छिपा रहे हैं. न्यूयार्क में हो रही है इस डिबेट को करोड़ों लोगों ने देखा. जनमत संग्रह दिखा रहे हैं कि दोनों उम्मीदवारों की लोकप्रियता में बहुत कम अंतर है और क्लिंटन ट्रंप से कुछ ही आगे हैं.

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अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच सबसे पहले टीवी डिबेट 1960 में 26 सितंबर को जॉन एफ़ कैनेडी और हेनरी किसिंजर के बीच हुई थी.

आर्थिक संकट से फ़ायदा और ईमेल मामला

जहाँ ट्रंप ने कहा कि नौकरियां अमरीका से बाहर जा रही हैं, वहीं क्लिंटन ने कहा कि ट्रंप ने हाउसिंग संकट को भी अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की थी.

इस आर्थिक संकट के दौरान नौ लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था, 50 लाख को घर गंवाना पड़ा था और एक अनुमान के मुताबिक 13 खरब डॉलर का नुक़सान हुआ.

जब हिलेरी क्लिंटन ने ट्रंप को अपनी आयकर रिटर्न सार्वजनिक करने की चुनौती दी तो ट्रंप ने कहा कि जब क्लिंटन अपने फ़ोन से डिलीट किए गए 30 हज़ार ईमेल सार्वजनिक कर देंगी तो वो भी अपनी रिटर्न सामने ले आएंगे.

क्लिंटन ने माना कि उनसे ईमेल डिलीट होने के मामले में ग़लती हुई थी और वो दोबारा ऐसा नहीं करेंगी.

अमरीका में 'गन कल्चर'

अमरीका में हथियार रखने का अधिकार (गन कल्चर) पर जहां ट्रंप ने कहा कि इसे जारी रखना चाहिए, वहीं क्लिंटन ने कहा कि इस पर रोक लगनी चाहिए.

हालांकि क्लिंटन ने माना कि पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने की ज़रूरत है और पुलिस को इस मामले में ट्रेनिंग की ज़रूरत है.

ट्रंप का कहा कि पुलिस के पास किसी को भी रोकने और तलाशी लेने का अधिकार होना चाहिए.

अमरीकी समाज में हाल में पुलिस व्यवस्था पर बहस तेज़ हुई क्योंकि हाल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब पुलिस कार्रवाई में अफ्रीक़ी अमरीकी लोग गोली का निशाना बने हैं.

इराक़ और आईएस

ट्रंप का कहना था कि बराक ओबामा ने जिस तरह से अमरीकी सैनिकों की इराक़ से वापसी की, उसका नतीजा इस्लामिक स्टेट का जन्म था. उन्होंने ये क्लिंटन से ये भी कहा कि वो तो कब से आईएस के ख़िलाफ़ लड़ रही हैं.

ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमरीका के इराक़ में थोड़े से सैनिक छोड़ देने से वहां तेल के कुओं पर आईएस का क़ब्ज़ा हुआ.

उधर क्लिंटन ने कहा कि ट्रंप ने एक समय इस (इराक़) हमले का समर्थन किया था. क्लिंटन ने आरोप लगाया कि ट्रंप का एक वक़्त कर्नल ग़द्दाफ़ी से भी नाता था.