ट्रंप या हिलेरी : किसने जीती पहली बहस ?

अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के बीच टीवी पर पहली बार बहस हुई.

क्लिंटन का कहना था कि उनके प्रतिद्वंदी ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें एक ट्वीट से उकसाया जा सकता है और उनके पास राष्ट्रपति बनने की क्षमता नहीं है.

ये बहस एक वकील और सेल्समैन के बीच थी और इस बहस के ज्यादातर हिस्सों में वकील मज़बूत दिखाई दी.

हिलेरी क्लिंटन अभी भी चुनाव प्रचार या दूसरे कार्यक्रमों में पूरी तैयारी से आती हैं, एहतियात से काम लेती हैं और ख़ुद पर उनका बहुत क़ाबू है.

हालांकि अकसर जो बातें अदालत के कमरे में काम आ सकती हैं वो राजनीतिक बहसों में कारगर सिद्ध नहीं हो सकतीं.

इमेज कॉपीरइट Reuters

दूसरी तरफ़ डोनल्ड ट्रंप एक मुकम्मल सेल्समैन हैं. नियम, परंपराए और यहां तक की सत्य भी तब तक मायने रखता है जब तक वो एक डील पर कामयाबी हासिल में मदद करे.

मंगलवार को न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीवारों के बीच हुई टीवी डिबेट में तीन मामलों में हिलेरी का पलड़ा भारी दिखा. दो बार ऐसा लगा कि ट्रंप को बढ़त मिल रही है और एक मामले में तुक्का सा लग गया.

अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के मामले में हुई बहस के बीच मामला टैक्स रिटर्न्स की तरफ़ मुड़ गया - कि ट्रंप टैक्स आम करने की वर्षों पुरानी परंपरा से क्यों इंकार कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters

रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार महज़ ये कह पाए कि आईआरएस उनके टैक्स मामलों की जांच कर रहा है इसलिए वो उसे तबतक जारी नहीं कर सकते हैं जबतक वो ख़त्म नहीं हो जाता है.

इस पर हिलेरी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वो ऐसा करना चाहते हैं क्योंकि वो कुछ बहुत ही अहम या शायद बहुत ही भयानक बात है जिसे छिपाना चाहते हैं.

टैक्स मामले पर बहस के दौरान साफ़ दिखाई दे रहा था कि क्लिंटन पूरी तैयारी कर के आई थी.

इस बहस के दौरान नॉर्थ अमरीकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और ट्रांस-पेसीफिक पार्टनरशिप पर बहस चली और क्लिंटन ने इसके पक्ष में अपनी बात रखी.

इमेज कॉपीरइट Reuters

उनका कहना था कि ये ये दोनों ही चीज़े ट्रंप के लिए मददगार होंगी वो भी जब निर्माण क्षेत्र में नौकरियां विदेश जा रही हैं.

इस पर ट्रंप का जवाब था कि आप न्यू इंग्लैंड चले जाएं, ओहायो , पेनसिलवेनिया या कहीं भी जाए आप देंखेगे कि जहां निर्माण के काम में 30, 40 या कभीकभार 50 फ़ीसदी गिरावट आई है वहां चीज़ें खराब हुई है. नाफ़टा एक खराब व्यापार डील है.

जहां टैक्स पर हुई बहस के दौरान पहले दौर में क्लिंटन मज़बूत दिखाई दी वहीं दूसरे दौर में नस्ल भेद के मुद्दे पर ट्रंप पिछड़ते हुए नज़र आए.

नस्लभेद के मुद्दे पर ट्रंप को राष्ट्रपति बराक ओबामा की अमरीकी नागरिकता को लेकर प्रमाणिकता को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब देने पड़े.

हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि ट्रंप ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत ही एक नस्लभेदी झूठ से की थी कि हमारे पहले राष्ट्रपति अमरीकी नागरिक नहीं थे. इस बात के कोई सबूत नहीं हैं लेकिन वे अड़े रहे साल दर साल क्योंकि उनके कुछ समर्थक उनपर यकीन करते थे या यकीन करना चाहते थे.

वकील के लिए ओबामा के समर्थन में आने का मौका था जिनकी लोकप्रियता मौजूदा स्थिति में दोनों उम्मीदवारों से ज्यादा है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

बहस के दौरान ट्रंप ने ये बताने की कोशिश की कि वे एक बाहरी है और हिलेरी क्लिंटन राजनीति में 30 साल से है. उनका कहना था कि जिस दिशा में देश जा रहा है उससे लोग नाखुश है और हिलेरी अब इन समाधानों के बारे में क्यों सोच रही हैं.

एक सेल्समैन को पता होता है कि एक उपभोक्ता को नए उत्पाद की ज़रुरत होती है.

बहस के आखिरी दौर में उम्मीदवारों की क्षमता और मिज़ाज पर चर्चा हुई.

ट्रंप ने क्लिंटन के फैसला लेने, उनके लुक और उनकी क्षमता पर सवाल उठाया.

हिलेरी का कहना था कि वो मेरे लुक और मेरी क्षमता की बात कर रहे हैं. लेकिन ये वही व्यक्ति हैं जिसमें औरतों को सुअर, कुत्ता और मूर्ख कहा था. उन्होंने ये भी कहा था कि किसी भी नौकरी देने वाले व्यक्ति के लिए किसी महिला कर्मचारी का गर्भवती होना असुविधाजनक होता है. ये किसने कहा था कि महिलाओं को समान वेतन का हक़ तब तक नहीं है जब तक वे पुरुषों के बराबर काम नहीं करती.

वकील ने सेल्समैन की नकारात्मक प्रचार करने की आदत के लिए शिकायत की और बताया कि ये तरीका अच्छा नहीं है. हिलेरी के अनुसार इसके बावजूद वो चुनाव में अच्छा कर रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)