रूस ने अमरीका से कहा, बमबारी जारी रही तो वार्ता ख़त्म

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Image caption एक हफ़्ते पहले युद्धविराम के ढह जाने के बाद अलेप्पो शहर में भीषण हवाई हमले हो रहे हैं

अमरीका ने रुस को चेतावनी दी है कि अगर वह अलेप्पो में बमबारी जारी रखता है तो अमरीका सीरिया वार्ता तोड़ देगा.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत में अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा कि अमरीका अलेप्पो शहर में आग लगाने वाले और बंकर बम के इस्तेमाल के लिए रूस को ज़िम्मेदार मानता है.

अमरीकी विदेश विभाग का कहना है कि वो वार्ता को स्थगित करने की तैयारी कर रहे हैं.

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Image caption अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव

एक हफ़्ते पहले युद्धविराम के टूट जाने के बाद अलेप्पो शहर में भीषण हवाई हमले जारी हैं.

Image caption अलेप्पो यूनिवर्सिटी के बाहर ट्रॉली में लेटा आठ वर्षीय घायल बच्चा

शहर के विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले पूर्वी हिस्से में क़रीब ढाई लाख लोग फंसे हुए हैं.

ये लोग रूस समर्थित सीरियाई सेना की घेराबंदी के कारण फंस गए हैं, जिसने इलाक़े पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के लिए भीषण अभियान शुरू कर दिया है.

माना जा रहा है कि इस इलाक़े में पिछले पांच सालों से जारी संघर्ष के इतिहास में ताज़ा बमबारी सबसे भीषण हैं.

अमरीका ने रूस पर आरोप लगाया है कि वो नागरिक ठिकानों पर हवाई हमलों में शामिल है और उसने युद्ध अपराध किया है.

दोनों देश वार्ता के ज़रिए एक नाज़ुक शांति समझौते में जान फूंकन की कोशिश कर रहे हैं.

लेकिन पिछले हफ़्ते अमरीका ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में रूस ने सीरिया पर खुलेआम झूठ बोला है.

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Image caption पूर्वी अलेप्पो की आबादी का क़रीब 40 फ़ीसदी बच्चे हैं

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ के मुताबिक़ पूर्वी अलेप्पो में शुक्रवार से अब तक कम से कम 96 बच्चे मारे गए हैं और 223 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

अलेप्पो की घेराबंदी वाले पूर्वी हिस्से में मंगलवार की रात को हवाई हमले लगातार जारी रहे.

स्थानीय चिकित्साकर्मियों का कहना है कि बमबारी के कारण दो बड़े अस्पतालों में सेवाएं बंद हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने दो अस्पतालों पर हुए हमले की ख़बर की निंदा की है और इसे "युद्ध अपराध" करार दिया.

बान की-मून ने विद्रोहियों के नियंत्रण वाले पूर्वी अलेप्पो की स्थिति को बूचड़खाने से भी बदतर बताया है.

वहीं रूस ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है कि वह सीरिया में युद्ध अपराध का दोषी है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक प्रवक्ता दिमित्री पेशकोव ने बीबीसी को बताया कि रूसी सेना उन्हीं पर निशाना साध रही है जिन्हें वह चरमपंथी संगठन मानते हैं और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के मुताबिक कार्रवाई कर रही है.

पेशकोव ने कहा रूसी सेना सीरिया में नागरिक मौतों के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

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