भारत और पाकिस्तान में उपजे तनाव पर अमरीका

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Image caption जोश अर्नेस्ट मीडिया को संबोधित करते हुए

भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर भारत की ओर से की गई 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के मक़सद से अमरीका ने अपील की है कि दोनों देशों की सेनाएं संपर्क बनाए रखें और चर्चा भी जारी रखें.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाईट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा,'' जी हां, हमने ख़बरें देखी हैं. ख़बरों से यह भी पता चला है कि भारतीय और पाकिस्तानी सेनाएं एक दूसरे से संपर्क में हैं.

''हम भारत और पाकिस्तान को इस बात के लिए प्रोत्साहित करते हैं कि वह आपस में चर्चा जारी रखें जिससे तनाव और न बढ़े."

व्हाईट हाउस प्रवक्ता का यह भी कहना था कि सीमा पार से आतंकवाद के कारण उस इलाक़े में अस्थिरता पैदा होती है.

जोश अर्नेस्ट ने यह भी कहा, ''अमरीका भारत के साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने के लिए कटिबद्ध है.''

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व्हाईट हाउस प्रवक्ता ने कहा,"अमरीका भारत के साथ साझेदारी के लिए और आतंकवाद से साझा लड़ाई के लिए कटिबद्ध है, और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए जाने के मुद्दे पर हम इस साझेदारी को और भी मज़बूत करने के लिए तैयार हैं."

व्हाईट हाउस प्रवक्ता ने पाकिस्तान के साथ भी अमरीका की अहम साझेदारी की बात की जिसके तहत सुरक्षा समेत विभिन्न मुद्दों पर दोनों देश संपर्क में रहते हैं.

इसी तरह अमरीकी विदेश मंत्रालय से भी प्रेस वार्ता के दौरान कहा गया कि दोनों देश संयम से काम लें, भारतीय और पाकिस्तानी सेनाएं आपस में संपर्क बनाए रखें.

उधर भारत में तैनात अमरीकी राजदूत रिचर्ड वर्मा जो आजकल स्वदेश में थे, गुरुवार को वॉशिंग्टन में ही मौजूद थे. लेकिन नियंत्रण रेखा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' की ख़बरों के बाद अपने कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर वापस भारत रवाना हो गए.

अमरीका को यह खटका हमेशा लगा रहता है कि परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान आपस में लड़ न पड़े और हालात क़ाबू से बाहर हो जाएं.

भारतीय सेना के मुताबिक़ नियंत्रण रेखा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' ठोस ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर की गई जिनमें 'आतंकवादियों के लांच पैड' नष्ट किए गए.

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Image caption सीमा पर निगरानी करते हुए भारतीय सेना के जवान

भारतीय सेना ने कहा है कि 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' में सिर्फ़ चरमपंथियों को ही नहीं बल्कि उन्हें 'मदद देने वालों' को भी नुक़सान हुआ.

पाकिस्तानी सेना ने ये माना है कि भारत की ओर से हुई गोलीबारी में उसके दो जवान मारे गए हैं और नौ घायल हुए हैं.

उन 'सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने मंत्रिमंडल और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक भी बुलाई है.

याद रहे कि 18 सितंबर को भारतीय प्रशासित कश्मीर में उड़ी सैन्य अडडे पर हुए आतंकी हमलों में 18 भारतीय फ़ौजी मारे गए थे.

भारत उन हमलों का ज़िम्मेदार पाकिस्तान को मानता है. और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतवासियों को भरोसा दिलाया था कि उड़ी हमलों के ज़िम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

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जबकि पाकिस्तान उन हमलों के सिलसिले में भारत के आरोपों को लगातार ख़ारिज़ करता रहा है.

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