रूस का आरोपः 'सीरिया के जेहादी समूहों को बचा रहा है अमरीका'

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बीबीसी से कहा है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को अपदस्थ करने की कोशिशों में अमरीका एक जेहादी समूह को बचा रहा है.

सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमरीका ने ताक़तवर विद्रोही गुट जबह फ़तह-अल-शाम (ये समूह पहले अल नुस्र फ्रंट के नाम से जाना जाता था) और अन्य कट्टरपंथी गुटों को उदार विद्रोहियों से अलग करने के अपने वादे को तोड़ दिया.

जबह फतह-अल-शाम समूह अल क़ायदा से जुड़ा है.

अमरीकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा है कि रूस के आरोप बेतुके हैं.

मार्क टोनर ने पत्रकारों से कहा कि अमरीका ने अल नुस्र फ्रंट पर महीनों से इसलिए हमला नहीं किया है क्योंकि वो अन्य विद्रोही समूहों और नागरिकों में घुल-मिल गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी बमबारी से रूस उदार विद्रोहियों को कट्टरपंथी गुटों के हाथों में जाने के लिए मजबूर कर रहा है.

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सीरिया में रूसी हवाई अभियान का एक साल पूरा होने पर लावरोव बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ टीवी के स्टीफ़न सॉकर से बात कर रहे थे.

उन्होंने कहा, "उन्होंने विद्रोही गुटों को अल नुस्र से अलग करने के प्रण को प्राथमिकता पर लिया था."

"कई बार के वादों और भरोसे के बावजूद उन्होंने अभी न ऐसा किया है और न करने की इच्छा ज़ाहिर की है जिससे हमारे पास ये मानने के कारण हो कि उनकी योजना शुरुआत से ही नुस्र को बचाए रखने की थी ताकि ज़रूरत पड़ने पर या जब सत्ता बदलने का समय आए तो उसका इस्तेमाल किया जा सके."

हाल ही में रूस और अमरीका के बीच हुए समझौते के तहत रूस और अमरीका को इस्लामिक स्टेट और जबह फ़तह-अल-शाम समूह पर साझा बमबारी करनी थी.

लेकिन अब अमरीका समर्थित उदार विद्रोही गुटों ने अधिक ताक़तवर जबह फ़तह-अल-शाम समूह के साथ रणनीतिक साझेदारी कर ली है और वो उसके साथ मिलकर लड़ रहे हैं.

लावरोव ने कहा, "हम मानते हैं कि रूस और अमरीका के समझौते को लागू किया जाए. इसके लिए ज़रूरी है कि विपक्ष को नुस्र से अलग किया जाए. यदि अमरीका इसका क़ाग़ज़ों के बजाए असल में समर्थन करता है तो हम तुरंत संघर्ष विराम पर ज़ोर देंगे."

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Image caption जबह फ़तह-अल-शाम सीरिया में लड़ रहे विद्रोही गुटों में सबसे ताक़तवर है.
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Image caption बीते सप्ताह से विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले पूर्वी अलेप्पो में भारी बमबारी हो रही है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक बीते सप्ताह घेराबंद शहर अलेप्पो में सीरिया और रूस की बमबारी में चार सौ नागरिक मारे गए हैं.

लावरोव का कहना है कि रूस राष्ट्रपति असद की 'आतंकवादियों से लड़ने में मदद कर रहा है.

उन्होंने कहा कि संघर्ष-विराम का इस्तेमाल अल नुस्र ने ख़ुद को मज़बूत करने के लिए किया है.

लावरोव ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर इस साल 48 घंटों, 72 घंटों के कई मानवीय संघर्ष विराम हुए हैं.

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"हर बार नुस्र फ़्रंट ने इन विरामों का इस्तेमाल विदेशों से लड़ाके, हथियार और गोला बारूद लाने के लिए किया है. हमें पहले क़दम उठाना होगा और अपनी प्राथमिकताओं को सही करना होगा."

जब उनसे रूस के बंकररोधी बमों, क्लस्टर बमों और फ़ोसफ़ोरस बारूद से अलेप्पो में हो रही नागरिकों की मौतों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "अगर ऐसा है तो हमें इसका खेद है."

हालांकि उन्होंने कहा कि न ही इसके ठोस सबूत हैं और न ही हर मामले की जांच की ज़रूरत है.

गुरुवार को अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा था कि सीरिया को लेकर रूस और अमरीका की बातचीत ख़त्म होने को है.

मार्क टोनर ने वॉशिंगटन में पत्रकारों से कहा कि शुक्रवार को जॉन केरी ने सर्गेई लावरोव से फ़ोन पर बात की है, लेकिन रूस ने अभी भी अलेप्पो में हिंसा ख़त्म करने के लिए कोई क़दम नहीं उठाया है.

शुक्रवार को अलेप्पो के मध्य और उत्तरी इलाक़ों में सीरियाई बलों और विद्रोहियों के बीच भारी झड़पें हुई हैं.

सीरिया पर नज़र रखने वाले संगठन सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स और सीरिया के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सैन्य बलों ने अलेप्पो के उत्तर में इलाक़े पर क़ब्ज़ा किया है और शहर के मध्य इलाक़े में इमारतों पर क़ब्ज़ा किया है.

विद्रोही गुटों ने इसका खंडन किया है.