पाक मीडिया ने कहा झूठा है भारत के सर्जिकल स्ट्राइल का दावा

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इस हफ़्ते पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो भारत-पाक नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर भारत का सर्जिकल स्ट्राइक का दावा और संयुक्त राष्ट्र आम सभा में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भाषण सुर्ख़ियों में रहा.

भारत ने दावा किया है कि उसके सैनिकों ने एलओसी पर 28-29 सितंबर की दरम्यानी रात को सर्जिकल स्ट्राइक की थी.

भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.

डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने कहा कि पुख़्ता इंटेलिजेन्स मिलने के बाद भारतीय सेना के विशेष दस्ते ने एलओसी पर मौजूद चरमपंथियों के लॉन्च पैड को निशाना बनाया और उनके कई ठिकानों को नष्ट कर दिया.

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लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इन दावों को ख़ारिज करते हुए कहा कि भारत भ्रम फैला रहा है और दोनों ओर से गोलाबारी हुई जिसमें उसके दो सैनिक मारे गए हैं.

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू दैनिक नवा-ए-वक़्त ने लिखा, "कोई सबूत न गवाह आज़ाद कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक का नया भारतीय झूठ."

अख़बार ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ़ बाजवा के हवाले से लिखा है कि भारतीय जनता को ख़ुश करने के लिए ये झूठ गढ़ा गया है.

जंग ने लिखा कि सर्जिकल स्ट्राइक का दावा झूठा, पाकिस्तान ने किया ख़ारिज. अख़बार लिखता है कि बिना किसी उकसावे के भारतीय सेना ने सीज़फ़ायर का उल्लंघन करते हुए कई घंटों तक फ़ायरिंग की जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.

अख़बार आगे लिखता है कि पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई में आठ भारतीय सैनिक मारे गए और एक भारतीय सैनिक को बंदी बना लिया गया है.

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रोज़नामा दुनिया ने लिखा है कि कंट्रोल लाइन पर पाकिस्तानी सेना का भरपूर जवाब, आठ भारतीय फ़ौजी मारे गए, एक गिरफ़्तार.

अख़बार लिखता है कि भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे झूठ का पुलिंदा. भारतीय सेना की तरफ़ से गोलाबारी में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इसका जमकर जवाब दिया.

अख़बार लिखता है कि भारत को अपने सैनिकों की लाश उठाने की भी हिम्मत न हुई.

रोज़नामा एक्सप्रेस ने लिखा है कि भारतीय सेना की फ़ायरिंग के जवाब में पाकिस्तानी सेना की तरफ़ से की गई फ़ायरिंग में 14 भारतीय सैनिक मारे गए.

'औसाफ़' ने शीर्षक लगाया है, 'कंट्रोल लाइन पर भारतीय दहशतगर्दी का जवाब, 14 भारतीय सैनिक मारे गए'.

अख़बार लिखता है कि भारतीय फ़ौज ने एक बार फिर अपनी पारंपरिक हठधर्मी का इज़हार करते हुए एलओसी पर बिना किसी वजह के गोलाबारी की जिसमें पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए.

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अख़बार आगे लिखता है कि भारत को ये कार्रवाई महंगी पड़ी और पाकिस्तानी सेना ने इसका करारा जवाब दिया.

अख़बार ने विदेशी मीडिया का हवाला देकर लिखा कि जवाबी कार्रवाई में 14 भारतीय फ़ौजी मारे गए.

अख़बार ने ये नहीं बताया कि किस विदेशी मीडिया के हवाले से वो ये बात लिख रहा है. लेकिन अख़बार आगे लिखता है पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे की कलई खोल दी.

अख़बार लिखता है कि भारतीय सेना ने एलओसी पर गोलाबारी को सर्जिकल स्ट्राइक का नाम देकर अपनी मीडिया और अपनी जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की है.

नवा-ए-वक्त़ ने अगले दिन यानी शनिवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ के बयान का ज़िक्र करते हुए लिखा कि पाकिस्तान भी सर्जिकल स्ट्राइक की क्षमता रखता है और नकारात्मक प्रचार करके उसे दबाया नहीं जा सकता है.

औसाफ़ लिखता है कि पाकिस्तानी जनता, सेना के कंधे से कंधा मिलाकर देश की सुरक्षा के लिए तैयार.

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रोज़नामा एक्सप्रेस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के बयान के हवाले से लिखा है कि भारतीय कार्रवाई क्षेत्रीय शांति के लिए ख़तरा है.

नवा-ए-वक़्त ने संपादकीय लिखा, दुनिया भारत की चालों को समझ गई, पाकिस्तान हालात से फ़ायदा उठाए.

अख़बार लिखता है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में पहली बार अमरीका खुलकर सामने आ गया है. अख़बार के अनुसार अमरीका ने भारत को चेतावनी दी है कि वो सीमा पर तनाव को और न बढ़ने दें और चीन ने भी दोनों को बातचीत पर ज़ोर दिया है.

भारत से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात करें तो भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की ख़बरें तो लगभग सारे अख़बार के पहले पन्ने पर हैं, लेकिन शनिवार को दिल्ली और देश के दूसरे शहरों से छपने वाले ज़्यादातर उर्दू अख़बारों ने बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता शहाबुद्दीन की ज़मानत रद्द की ख़बर को प्रमुखता दी.

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सहाफ़त ने लिखा है, 'वापस जेल पहुंचे शहाबुद्दीन', जबकि हिंदुस्तान एक्सप्रेस ने भी शहाबुद्दीन की ख़बर को ही पहली ख़बर बनाया.

लेकिन रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा ने बिहार में शराबबंदी क़ानून को रद्द किए जाने को पहली ख़बर बनाया है.

इंक़लाब ने भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को अपनी पहली ख़बर बनाया.

अख़बार लिखता है पाकिस्तान से बदले की कार्रवाई का ख़तरा, पूरे देश में अलर्ट जारी, शहरों में ज़्यादा सुरक्षा.

वहीं सहाफ़त ने लिखा है कि चरमपंथी संगठनों के हमले की आशंका के मद्देनज़र हाई अलर्ट जारी.

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