कोलंबिया: फ़ार्क से बातचीत जारी रहेगी

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Image caption समझौते के खिलाफ़ वोट डालने वालों का मानना है कि अपराध कबूल करने वाले विद्रोहियों को जेल की सज़ा दी जानी चाहिए.

कोलंबिया के राष्ट्रपति ख़्वान मानवेल सांतोस ने जनमत संग्रह में फार्क विद्रोहियों के साथ समझौते के खिलाफ़ 50.2 फ़ीसदी वोट पड़ने के बावजूद शांति प्रक्रिया जारी रखने का फ़ैसला किया है.

टिमोचेन्को के नाम से मशहूर फ़ार्क नेता ने कहा कि सरकार के साथ हुए समझौते पर दोबारा विचार कर इसमें सुधार किए जाएंगे क्योंकि समझौते के खिलाफ़ वोट करने वाले कई लोगों का कहना है कि ये काफ़ी नरम था. उन्होंने कहा है कि कोलंबियाई सरकार के साथ द्विपक्षीय युद्धविराम का पालन करेंगे.

विद्रोही नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच क्यूबा में सोमवार को बातचीत होनी थी.

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Image caption कोलंबिया में रविवार को समझौते के खिलाफ़ बहुत कम अंतर से वोट पड़े.

करीब चार साल की बातचीत के बाद सरकार और फार्क विद्रोहियों के बीच समझौते पर पिछले हफ़्ते हस्ताक्षर हुए थे.

राष्ट्रपति सांतोस ने पहले कहा था कि संघर्ष को ख़त्म करने के लिए कोई प्लान बी नहीं है. लगभग 50 साल से चल रहे संघर्ष में करीब 2 लाख 60 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.

जनमत संग्रह में काफ़ी कम अंतर से समझौते के खिलाफ़ वोट पड़े. इसके बाद राष्ट्रपति ख़्वान मानवेल सांतोस ने कहा,'' मैं हार नहीं मानूंगा. मैं अपने कार्यकाल के आख़िरी पल तक शांति की कोशिश करता रहूंगा .''

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Image caption कोलंबिया का सबसे बड़ा विद्रोही समूह है फार्क

फ़ार्क विद्रोहियों से बातचीत में शामिल मुख्य सरकारी प्रतिनिधि हुंबर्तो दे ला कैले ने सोमवार को जनमत संग्रह के नतीजे आने के बाद इस्तीफ़े की पेशकश की और कहा कि वो समझौते में हुई ग़लतियों की ज़िम्मेदारी लेते हैं.

हालांकि उन्हें क्यूबा की राजधानी हवाना में विद्रोही नेताओं के साथ समझौते में सुधार के लिए फिर से बातचीत शुरू करने का आदेश दिया गया है.

जनमत संग्रह में 'नहीं' के पक्ष में अभियान चला रहे पूर्व राष्ट्रपति एलवारो उरीबे अपराधों के लिए दोषी विद्रोही नेताओं के लिए जेल की सज़ा और राजनीति में उन पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं.

कोलंबिया में मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता भी शांति प्रक्रिया को बचाने के लिए रास्ता निकालने पर चर्चा के लिए बैठक कर रहे हैं.

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