अमेरीकियों को ठगने वाला एक कॉल सेंटर

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Image caption मुंबई पुलिस ने फ़र्ज़ी काल सेंटरों का किया पर्दाफाश

मुंबई से सटे मीरा रोड में ठाणे क्राइम ब्रांच ने एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर पर छपा मारकर एक इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश किया है.

इस मामले में ठाणे पुलिस ने क़रीब 750 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक़ ये कॉल सेंटर भारत में बैठकर अमरीका में लोन ना चुकाने वाले ग्राहकों को फ़र्ज़ी तरीक़े से लूट रहे थे.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 851 हार्ड डिस्क, हाइएंड सर्वर और दूसरी इलेक्ट्रानिक सामग्रियों सहित कुल 1 करोड़ के उपकरण भी बरामद किए हैं.

ठाणे के पुलिस कमिश्नर, परमबीर सिंह ने बताया कि, "ठाणे क्राइम ब्रांच को मीरा रोड में एक फर्ज़ी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चलने की खबर लगी थी. जिसके बाद इनपर छापा मारने की योजना बनाई गई. छापेमारी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर इस कॉल सेंटर के तीन और ठिकानों पर छापा मारा गया. इस छापेमारी में ठाणे पुलिस के 200 जवान शामिल थे."

पुलिस के मुताबिक़ गिरफ़्तार लोगों से पूछताछ में पता चला कि इनके निशाने पर वो लोग होते थे, जिनके नाम टैक्स ना भरनेवाले डिफॉल्टर्स लिस्ट में शामिल होते थे.

ख़ासकर अमरीका के लोग इनके निशाने पर होते थे.

इन कॉल सेंटरों से अमरीका में लोगो को फोन कर टैक्स रिवीजन का झांसा देकर मामला दर्ज करने और गिरफ़्तारी की धमकी देकर वसूली की जाती थी.

इस मामसे में पकड़े गए अभियुक्त उन लोगों को अपना शिकार बनाते थे जो किसी भी देश से यूरोप और अमेरिका में जॉब और काम के सिलसिले में जाते थे.

पुलिस के अनुसार इन वारदातों को अंजाम देने वाले 9 मास्टरमाइंड हैं, जो पीड़ितों के बारे में जानकारी इकठ्ठा कर उनसे टैक्स भरने के नाम पर पैसे ऐंठते थे.

इनके झांसे में आए लोगों को टैक्स सेटेलमेंट करवाने के लिए बड़ी कंपनियों के गिफ्ट वाउचर और कार्ड लेने पर मजबूर किया जाता था.

फिर उस कार्ड के 16 डिजिट का नंबर लेकर पैसे निकलवाए जाते थे.

उसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा रैकेट में शामिल अमरीका के लोग लेते और 70 प्रतिशत भारत में काम करनेवालों को मिलता था.

पुलिस ने बताया कि काफ़ी लोग इस गैंग के शिकार हुए हैं, जिनमें से ज़्यादातर अमरीकी हैं.

ठाणे पुलिस इस मामले में एफबीआई की मदद लेने पर भी विचार कर रही है.