मैं मैदान से नहीं हटूंगा: डोनल्ड ट्रंप

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अमरीका में राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो चुनाव से हरगिज़ पीछे नहीं हटेंगे.

वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "मेरे मैदान से हट जाने की संभावना शून्य है."

महिलाओं के बारे में उनके एक विवादित बयान का वीडियो सामने आने के बाद ट्रंप ने ये बात कही.

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साल 2005 के इस वीडियो टेप में ट्रंप महिलाओं के बारे में अश्लील टिप्पणियां करते सुनाई दे रहे हैं.

उसके बाद उन्हीं की पार्टी के कई नेताओं ने उनसे चुनाव मैदान से हट जाने की ग़ुज़ारिश की. नेब्रास्का के गवर्नर बेन सास ने कहा है कि ट्रंप को अपनी उम्मीदवारी छोड़ देनी चाहिए और उनकी जगह उप राष्ट्रपति पद के रिपबल्किन उम्मीदवार माइक पेंस को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए.

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माइक पेंस ने भी कहा कि वो भी वीडियो में ट्रंप के बयानों से आहत हुए हैं.

रिपब्लिकन पार्टी के कई नेताओं ने मांग की है कि ट्रंप की जगह किसी ज़्यादा ज़िम्मेदार और सम्मानित व्यक्ति को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए.

डोनल्ड ट्रंप के इस वीडियो टेप के सामने आने के बाद कई टिप्पणीकार यह कहने लगे है कि उनका चुनाव प्रचार अब ख़त्म हो चुका है.

इस वीडियो में ट्रंप 'शादीशुदा महिला के साथ सेक्स की इच्छा,' 'औरतों को छूने' और 'किस' करने जैसी बात करते सुने जा सकते हैं.

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Image caption अमरीकी राजनेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं

टिप्पणीकार ग्लेन थ्रस और केटी ग्लक ने पोलिटिको में लिखा, "यह सही है कि देश की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में हिलेरी क्लिंटन के चुनाव को डोनल्ड ट्रंप ने ही सुनिश्चित कर दिया है यह कहकर कि महिलाएं किसी के अधीन होती हैं, उन्हें दूसरों के साथ बदला जा सकता है और उनके साथ मनमर्जी से खेला जा सकता है."

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फ़ोर्ब्स में अवीक राय ने कई उदाहरण देकर कहा है कि नुक़सान पहुंचाने वाले कई बयानों के बावजूद रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन किया. इसकी वजह यह है कि उनके रिश्तेदार मुसलमान नहीं हैं, उनकी विरासत मेक्सिको की नहीं है और उन्हें चमड़ी के रंग के अधार पर भेदभाव का शिकार नहीं होना पड़ा है. पर उन सबके रिश्तेदार गोरे हैं. ऐसे में जब ट्रंप कहते हैं कि गोरी महिला को पकड़कर खींचना चाहिए तो सभी इससे सीधे आहत होते हैं.

सीएनएन के स्टीफ़न कॉलिन्सन के मुताबिक़, "रिपब्लिकन पार्टी के नेता ट्रंप को निजी बातचीत में भौंड़ा और अस्वीकार्य तो मानते रहे हैं, पर उम्मीदवार बनाने का सौदा उनसे कर लिया. पर ट्रंप के हाल के बयानों ने उन्हें चौंका दिया है और वे अपने फ़ैसले पर सोचने को मजबूर हैं."

एली विटैली और बेनजी सर्लिन ने एनबीसी न्यूज़ में कहा कि महिलाओं के प्रति व्यवहार की वजह से डोनल्ड ट्रंप का प्रचार ख़तरे में है और रिपब्लिकन नेता सोच सकते हैं कि बस, अब बहुत हो चुका. एक रिपब्लिकन रणनीतिकार ने कहा, ऐसा पहले कभी नहीं देखा, न ही देखूंगा.

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रेयान ग्रिम ने हफ़िंग्टन पोस्ट में लिखा, "डोनल्ड ट्रंप ने महिलाओं के साथ जो करने का दावा किया है, वाकई वैसा किया है, तो उन्होंने वह अपराध किया है, जिसकी सज़ा जेल है. आने वाले सालों में उनके भाग्य में क्या क़ानूनी कार्रवाइ हो पता नहीं. पर फ़िलहाल अमरीकी जनता बैलट बॉक्स के ज़रिए अपना फ़ैसला सुना सकती है."

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Image caption अमरीकी मीडिया में ट्रंप की आलोचना

न्यूयॉर्क टाइम्स में मैगी हेबरमैन ने लिखा, "लोगों के कई घंटों के इंतजार के बाद डोनल्ड ट्रंप ने माफ़ी मांगी जो विरले ही करते हैं. पर यह दिल से निकला माफ़ीनामा नहीं था. उन्होंने जिनको आहत किया होगा, उनके प्रति चिंता का भाव नहीं था. उन्होंने अपने विकास, पूरे देश में किए गए प्रचार और लोगों की चिंताओं के बारे में बताया."

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Image caption व्हाइट हाउस, अमरीका का राष्ट्रपति भवन

एज़रा क्लीन ने वॉक्स में लिखा, "यह राष्ट्रपति पद की बात नहीं है, बुनियादी मानवीय शालीनता की बात है. ट्रंप को यह नहीं लगता है कि जो कुछ उन्होंने कहा वह ग़लत है. उनका मानना है कि यह तो मामूली बात है, पुरुष लॉकर रूम में इसी तरह की बाते तो करते हैं. फिर भी कोई उससे आहत हुआ हो तो उन्हें खेद है."

रुथ मार्सस ने वाशिंगटन पोस्ट में लिखा कि ट्रंप की बातें अपनी भौंडेपन की वजह से गौर करने लायक हैं. पुरुष बंद कमरे मे क्या सोचते हैं या ट्रंप ने अतीत में क्या कहा है, यह एक बात है. यह बात बिल्कुल दीगर है कि ऐसी बातें करने वाला शख़्स देश का राष्ट्रपति बनने जा रहा है.

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