'चरित्र के पैमाने पर फिसल रहे हैं ट्रंप'

सेंट लुइस के वॉशिंगटन विश्विनद्यालय में आयोजित सार्वजनिक बहस में डोनल्ड ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन. इमेज कॉपीरइट AFP

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनल्ड ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन की दूसरी सार्वजनिक बहस देखने के बाद जो बात समझ में आ रही है, वह यह है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप का चुनाव प्रचार पतन की ओर जा रहा है.

यह कहना है डेलवेयर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मुक़्तदर खान का. उन्होंने बीबीसी से कहा कि दूसरे दौर की बहस कई मायनों में पहली बहस से अलग रही. इस बहस के नतीजों पर दोनों उम्मीदवारों का भविष्य काफी हद तक निर्भर करता है.

वो कहते हैं कि बहस के बाद लगा कि ट्रंप का चुनाव प्रचार पतन की ओर जा रहा है. पूरी बहस में डोनल्ड ट्रंप एक नई रणनीति पर काम करते नज़र आए.

इंडियाना के गवर्नर और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस ने भी अपने प्रचार में इसी रणनीति का इस्तेमाल किया है. अमरीका में इस रणनीति को 'पिविद' कहते हैं. इसमें अगर कोई आपसे आपकी कमजोरी से जुड़े सवाल करता है तो आप उसकी बात को टालकर किसी दूसरे मसले पर बात करने लगते हैं.

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दूसरे दौर की बहस में दोनों उम्मीदवार इस रणनीति का इस्तेमाल करते रहे.

ट्रंप ने इसका कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल किया. जब भी उनसे उनके वीडियो या महिलाओं से जुड़े सवाल किए गए, उन्होंने बिल क्लिंटन के इतिहास की बात शुरू कर दी.

ऐसे में उनकी बातचीत में कुछ नया वैचारिक खाका उभरकर सामने नहीं आया. उनकी सोच में कोई बदलाव नहीं दिखा. लेकिन वो पहले से बेहतर दिखे. पिछली बार की तुलना में वो हिलेरी के ट्रैप में नहीं फंसे. लेकिन इस बार उनमें आत्मविश्वास में कमी नज़र आई.

पिछली बहस में दोनों एक तरह से बराबरी पर थे. दोनों ने ऐसे मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की जो अनिर्णय' की स्थिति में थे.

इस बार दोनों के सामने अपने मतदाताओं को बचाए रखने के साथ-साथ विरोधी के मतदाताओं में सेंध लगाने की चुनौती थी. ट्रंप के लिए यह और बड़ी बड़ी चुनौती थी कि वो अपने समर्थकों के घटते आधार को कम से कम बनाए रखें.

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महिलाओं से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ नेता ट्रंप से नाराज हैं.

राष्ट्रपति के चुनाव में बहस अब नीतियों की जगह नैतिकता की ओर चली गई है. अमरीका में आम नागरिक अब चरित्र पर बात कर रहा है. इस लिहाज से ट्रंप हर बहस में मात खाएंगे. वैसे हिलेरी का भी इस मसले पर पलड़ा कोई खास मज़बूत नहीं है.

वह भी झूठ बोलने के आरोपों से घिरी हैं. अब यह तो अमरीकी मतदाता को ही तय करना है कि वह किससे ज्यादा नफरत करते हैं और किसे पसंद करते हैं. लग रहा है कि वो मजबूरी में हिलेरी को चुन सकते हैं.

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Image caption अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव की दूसरी बहस में ट्रंप के भाषण पर हंसते लोग

(बीबीसी संवाददाता इकबाल अहमद से हुई बातचीत पर आधारित)

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