मोसुल: सिर्फ़ 300 मीटर दूर से जंग का हाल

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कुर्द लड़ाकों और इस्लामिक स्टेट के बीच जहां चल रही है लड़ाई वहां पहुंचा बीबीसी

इराक़ के मोसुल शहर को कथित इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े से छु़ड़ाने के लिए सरकार समर्थक कुर्द लड़ाकों को सफलता हासिल होने की रिपोर्टें आई हैं.

बीबीसी संवाददाता ओरला गुरियन कुर्द लड़ाकों की टैंक यूनिट के साथ उस जगह पहुँची जहां से कथित इस्लामिक स्टेट के लड़ाके महज 300 मीटर की दूरी पर थे.

गुरियन के मुताबिक़, दूसरी तरफ़ के छह गाँव ख़ाली करवाने के लिए ये हमला किया जा रहा है ताकि इराक़ी फ़ौजें आगे बढ़ सकें.

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इराक़ में सरकार समर्थित सेनाओं ने मोसुल पर फिर से नियंत्रण के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है.

कथित इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के ख़िलाफ़ कम से कम दो बार गठबंधन सेनाओं ने हवाई हमले किए हैं.

मोसुल के अधिकांश इलाक़े पर अभी आईएस का क़ब्ज़ा है. तथाकथित आईएस ने जून 2014 में मोसुल पर नियंत्रण किया था.

इराक़ की सरकारी सेना और कुर्दिश लड़ाकों ने सोमवार की तड़के मोसुल शहर पर कब़्जे के लिए अपना अभियान शुरू किया.

कुर्दिश लड़ाकों ने अभियान के पहले कुछ घंटों में ही कई गांवों को अपने कब्जे में ले लिया. जैसे ही हमला शुरू हुआ, एक कुर्दिश जनरल ने बीबीसी संवाददाता से कहा, "अगर मैं आज मारा जाता हूँ तो खुशी-खुशी मरूँगा क्योंकि मैंने अपने लोगों के लिए कुछ किया है."

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सैन्य सूत्रों ने बताया कि सरकार समर्थित फौज़ें दक्षिण से मोसुल की तरफ बढ़ रही हैं और अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना हवाई हमलों से उनकी मदद कर रही है.

इस अभियान में करीब 30 हज़ार सैनिक शामिल हैं. प्रमुख हमला इराक़ी सेनाओं के नेतृत्व में किया जा रहा है.

बीबीसी संवाददाता ने बताया कि करीब चार हज़ार कुर्दिश लड़ाके मोसुल के पूर्वी क्षेत्र में गांवों को खाली कर रहे हैं ताकि सेनाएं आगे बढ़ सकें.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार अभियान का ये अभी पहला चरण है और ये अभियान महीनों तक जारी रह सकता है.

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