यमन में गुरुवार से लागू होगा युद्धविराम

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संयुक्त राष्ट्र संघ ने यमन में 72 घंटे के युद्धविराम की घोषणा की है. यह युद्धविराम 19 अक्टूबर, 2016, यानी गुरूवार से लागू होगा.

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इस्माइल अहमद के अनुसार इस कदम में यमन के संघर्ष में शामिल लगभग सभी पक्षों नें सहयोग करने का वादा किया है.

यमन के विदेश मंत्रालय के अनुसार यह युद्धविराम तभी सफल होगा जब हौथी विद्रोही भी इसका पालन करेंगे.

यमन में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राष्ट्रपति अब्दुरब मंसूर हादी की सरकार का समर्थन कर रही यमन सेना और हौथी विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है.

सऊदी अरब नेतृत्व वाला गठबंधन राष्ट्रपति का समर्थन करता है और ईरान पर विद्रोहियों का समर्थन करने का आरोप लगाता है.

यमन की राजधानी सना में एक शोक सभा पर सऊदी नेतृत्व गठबंधन के विमान की तरफ से हुई बमबारी की घटना के बाद ​इस युद्ध विराम की घोषणा की गई है.

बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक़ सऊदी अरब ने अनौपचारिक तौर पर ये माना है कि यमन में एक जनाज़े में की गई बमबारी में उसकी गठबंधन सेना का एक विमान शामिल था. बीबीसी सुरक्षा संवाददाता फ्रैंक गार्डनर ने ये जानकारी दी.

शनिवार को यमन की राजधानी सना में हुए इस हमले में 140 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज़्यादा घायल हो गए थे.

हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई आम नागरिक भी मारे गए थे.

पिछले दो साल में यमन में हुआ ये सबसे घातक हमला था.

अमरीका इस बात से चिंतित है कि इस हमले के संबंध में उसे युद्ध अपराध का सामना करना पड़ सकता है.

ओबामा प्रशासन सऊदी गठबंधन सेनाओं को लगातार हथियार मुहैया करा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत इसलिए अमरीका पर भी युद्ध अपराध का मामला चल सकता है.

यमन में अंतरराष्ट्रीय समर्थिन प्राप्त सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच मार्च 2015 से संघर्ष चल रहा है.

इसमें अब तक सात हज़ार आम नागरिक मारे जा चुके हैं और पैंतीस हज़ार से भी ज़्यादा घायल हुए हैं.

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