बलात्कार और हत्या के विरोध में 'काला बुधवार'

इमेज कॉपीरइट facebook

अर्जेंटीना में एक 16 साल की लड़की की बलात्कार के बाद हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है.

इस घटना के विरोध में देश में ज़बरदस्त गु्स्सा है और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं से एक घंटे के लिए काम-काज बंद करने का आह्वान किया है.

बलात्कार की शिकार हुई किशोरी लूसिया पेरेज़ 16 साल की थीं जिनकी इस महीने डेल प्लाटा शहर में मौत हो गई थी.

8 अक्तूबर को दो लोग लूसिया को साफ़ सुथरे कपड़ों के साथ नहला-धुला कर अस्पताल पहुंचा गए थे और बताया था कि उसने अधिक मात्रा में नशीली दवाओं का सेवन कर लिया है.

लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उसके साथ यौन हिंसा हुई है.

अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि बलात्कार से पहले लूसिया को मैरिजुआना और कोकीन जैसी नशीली दवाएं दी गईं थी.

डॉक्टरों के मुताबिक, उसके गुप्तांग में कुछ ऐसी चीजें डाली गईं जिसके कारण उसे तेज दर्द हुआ और उसके हृदय की गति रुक गई.

अस्पताल लाए जाने के थोड़ी देर बाद ही लूसिया ने दम तोड़ दिया था.

इमेज कॉपीरइट @_ORAGE_.twitter
Image caption काले कपड़ों में महिलाएं अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं, इस महिला ने अपनी तस्वीर के साथ लिखा, "हम जीना चाहते हैं"

इस घटना के विरोध में महिलाओं से काले कपड़े पहनकर काम पर जाने की अपील की जा रही है. इस विरोध को 'मिरकोल्स नीग्रो' का नाम दिया गया है जिसका मतलब है 'काला बुधवार'.

आयोजकों ने लिखा है, ''आप जहां कहीं भी हों, स्कूल में, ऑफिस में, अस्पताल में, अदालतों में, समाचार केंद्रों में, दुकान में, फ़ैक्ट्री या जहां कहीं भी आप काम करती हों, एक घंटे के लिए काम करना बंद कर दें और मांग रखें 'पुरुषों की हिंसा' अब और नहीं."

अर्जेंटीना में घरेलू हिंसा के कारण हर 36 घंटे में औसतन एक महिला की मौत होती है.

लातिन अमरीकी देशों में महिलाओं के खिलाफ़ हिंसा के विरोध में पिछले एक साल से प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

इमेज कॉपीरइट @PILARPRAENALEAL. twitter
Image caption महिलाओं के साथ पुरुष भी मार्च में शामिल हुए, इनका नारा था "हम जीना चाहते हैं."

अर्जेंटीना ने साल 2012 में महिलाओं के प्रति नफ़रत से प्रेरित हिंसा को रोकने के लिए 'एंटी फेमिसाइड कानून' को अपनाया था जिसमें महिलाओं के खिलाफ़ किसी भी तरह की हिंसा के दोषी पुरुषों को कड़ी सज़ा देने की बात कही गई थी.

नए कानून में घरेलू हिंसा के लिए भी कड़ी सज़ा का प्रावधान है. लातिन अमरीका के 15 और देशों में भी ऐसे कानून हैं लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये कानून अभी तक प्रभावी तरीके से लागू नहीं किए गए हैं.

लूसिया के 19 साल के भाई मैतियास ने फ़ेसबुक पर लिखा,''सड़कों पर एक साथ आवाज़ उठाने से ही हज़ारों और लूसिया को मरने से बचाया जा सकता है और यही एक रास्ता है जिससे उसे 'शांति मिल पाएगी'.''

लूसिया की मां मार्टा ने कहा, "हम इस तरह की बर्बरता को समझ नहीं पा रहे हैं. यह समझना नामुमकिन है."

लूसिया के पिता ग्लियारमोह ने कहा, "जिस तरह से उसे मारा गया है वो अमानवीय था."

इमेज कॉपीरइट @OLGAMARIARISTA
Image caption अर्जेंटीना के सांसदों ने लूसिया की मौत पर मौन रखकर शोक जताया.

लूसिया की हत्या के सिलसिले में अभी तक तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

कानून मंत्री जर्मन गारावानो ने पिछले हफ्ते लूसिया के पिता से मुलाकात की और कहा कि सरकार काम कर रही है ताकि युवाओं की जिंदगी का अंत इन दुखद कृत्यों के शिकार के रूप में कभी न हो."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)