इराक़ी सेना आईएस के गढ़ मूसल में दाख़िल

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images
Image caption मूसल में इराक़ी फ़ौज की पकड़ मज़बूत

इराक़ के मूसल शहर पर नियंत्रण की लड़ाई में इराक़ी सेनाएं शहर के बाहरी इलाक़े में दाख़िल हुई हैं.

मूसल पर दो साल पहले चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने कब्ज़ा किया था और अब दो साल बाद इराक़ी सेनाएं इस शहर में घुसी हैं.

सरकार के प्रवक्ता सबाह अल नुमान ने बीबीसी को बताया है कि इराक़ी सेना अब घर-घर में घुसकर लड़ाई करने की तैयारी कर रही है.

देश के उत्तर में स्थित मूसल इस्लामिक स्टेट का अंतिम गढ़ माना जा रहा है.

पिछले कई दिनों से मूसल के आसपास भीषण लड़ाई चली है और इराक़ी सेना को रॉकेट, तोप के गोलों और मशीनगन की फ़ायरिंग का सामना करना पड़ा है.

सेना ने आतंकवाद निरोधक दस्ते मूसल के कुकजाली में सरकारी टीवी की इमारत पर नियंत्रण कर लिया है.

सेना की टुकड़ी के साथ मौजूद बीबीसी के संवाददाता के अनुसार सैनिकों को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

सेना के अनुसार मूसल के दक्षिण पूर्वी इलाक़ों में भी ऐसे ही अभियान अभी जारी हैं.

इराक़ के आंतकवाद निरोधक सेवा के प्रवक्ता सबाह अल नुमानने बीबीसी से कहा, ''आज हमने मूसल में बड़ी सफलता हासिल की है. हमने एक महत्वपूर्ण इलाके को आज़ाद कराया जो कि पूर्व दिशा से मूसल में प्रवेश का मुख्य द्वार है. इलाक़े में कड़ा संघर्ष हुआ है लेकिन हमने तेज़ी से कार्रवाई की है.''

सोमवार को इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल आबदी ने कहा था कि मूसल में तीन हज़ार से पांच हज़ार चरमपंथी मौजूद हैं और उनके पास आत्मसमर्पण करने या मर जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है.

इमेज कॉपीरइट EPA

पिछले दो हफ्तों से मोसूल से इस्लामिक स्टेट को खदेड़ने के अभियान में पचास हज़ार इराकी सैनिक, कुर्द लड़ाके, सुन्नी अरब कबीले के लड़ाके और शिया हथियारबंद लड़ाके शामिल हैं.

अमरीकी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता जॉन डोरियन का कहना था कि अगर इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो वो मारे जाएंगे.

उनका कहना था, ''अगर वो लड़ेंगे तो मारे जाएंगे. अगर वो भागेंगे तो पकड़े जाएंगे या मारे जाएंगे. उन्हें बच के निकलने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने मूसल के लोगों के साथ जो किया है उसके बाद इराकी सेना उन्हें यहां रहने नहीं दे सकती है.''

मोसूल पर इराक़ी सेना की घेरेबंदी शुरु होने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने मूसल में रह रहे पंद्रह लाख आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है.

मानवाधिकार मामलों से जुड़े अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को आई ताज़ा रिपोर्टों में कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट ने कई आम नागरिकों की हत्याएं की हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)