नवाज़ पर लगे आरोपों की जांच होगी, इमरान संतुष्ट

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Image caption नवाज़ परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होगी

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पनामा मामले में प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के परिवार के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले में नवाज़ परिवार पर आरोप लगे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने एक न्यायिक आयोग के गठन का आदेश दिया है जो पनामा मामले के ज़रिए नवाज़ शरीफ़ के परिवार के बारे में आई जानकारी और आरोपों की जांच करेगा.

तहरीक-ए-इंसाफ़ सुप्रीमो इमरान ख़ान ने इस मामले की जांच को लेकर याचिका दायर की थी. कोर्ट के फ़ैसले के बाद उन्होंने इस्लामाबाद की घेराबंदी करने से जुड़ी अपनी योजना ख़त्म कर दी.

इमरान ने कहा था कि नवाज़ को बताना चाहिए कि उनके बच्चे उन ऑफ़शोर (विदेशी) कंपनियों के मालिक या ट्रस्टी कैसे बने, जिनके पास लंदन में महंगी प्रॉपर्टी है.

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने कैबिनेट मंत्रियों, वक़ीलों, तहरीक-ए-इंसाफ़ के नेता और मीडिया की मौजूदगी में ये आदेश दिया.

अदालत का आदेश ख़िलाफ़ आने के बावजूद इसे नवाज़ के लिए राहत बताया जा रहा है.

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Image caption इमरान इस्लामाबाद में शुकराना रैली करेंगे

बीबीसी उर्दू के आसिफ़ फ़ारुक़ी ने कहा, "ये फ़ैसला इशारा है कि अदालत ने दरअसल पाकिस्तान सरकार का नज़रिया ही स्वीकार किया है. सरकार जांच कराने पर राज़ी थी, लेकिन इमरान जांच के नियमों पर राज़ी होने से बजाय विरोध की राजनीति पर अड़े थे."

उनके अनुसार अब इमरान ने अपना विरोध ख़त्म कर दिया है और वो अदालत के फ़ैसले को अपनी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं और इस्लामाबाद में शुकराना रैली करने जा रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार, ''नवाज़ के लिए ये फ़ैसला सकारात्मक है क्योंकि इमरान ने इस्लामाबाद लॉकडाउन की धमकी दी थी, जिससे अब वो पीछे हट गए हैं. ये नवाज़ शरीफ़ के लिए राहत की बात है.''

उनके मुताबिक, "इमरान ने जितने लोगों को इकट्ठा करने की बात कही थी, उतने वो कर नहीं पा रहे थे और ऐसे में ये फ़ैसला उनके लिए आत्मसम्मान बचाने का मौक़ा लेकर आया, जिसे अब वो अपनी जीत की तरह पेश कर रहे हैं.''

पनामा की मोसाक फ़ोंसेका कंपनी के लाखों काग़ज़ात में सामने आया था कि किस तरह दुनिया भर के अमीर लोग टैक्स चोरी और प्रतिबंधों से बचने के लिए विदेशी खातों का इस्तेमाल करते हैं.

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