अमरीकी चुनाव: 6 बातें जो इतिहास बन सकती हैं

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption डोनल्ड ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन

अमरीकी राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार के आख़िरी चरण में दाख़िल होने के साथ ही कई बातें इतिहास में दर्ज होने का इंतज़ार कर रही हैं. साल-डेढ़ साल पहले तक किसी को अंदाज़ा नहीं था कि डोनल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार होंगे. हालांकि फिलाडेल्फिया में डेमोक्रेट्स के सम्मेलन के बाद ही यह साफ़ हो गया था कि हिलेरी क्लिंटन उनकी उम्मीदवार बनने जा रही हैं. अब जब इस मोड़ पर हर कोई चुनाव की तारीख़ और उसके नतीजों को इंतज़ार कर रहा है, हम उन छह बातों पर गौर करेंगे जो इसे ऐतिहासिक बनाती हैं.

यह भी पढ़ें: अमरीकी

1. उम्र का उत्तरार्ध

इमेज कॉपीरइट AFP/GETTY
Image caption ओबामा अमरीकी इतिहास के पांचवें सबसे युवा राष्ट्रपति थे.

जनवरी, 2009 में जब बराक ओबामा व्हॉइट हाउस पहुंचे थे तो उस समय उनकी उम्र 47 साल थी. अमरीकी इतिहास में वे पांचवें सबसे युवा राष्ट्रपति थे. थियोडोर रूजवेल्ट सबसे युवा अमरीकी राष्ट्रपति थे. पद संभालने के समय उनकी उम्र 42 साल, 322 दिन थी.

यह भी पढ़ें: पूरी दुनिया के लिए ख़तरा हैं ट्रंप- ओबामा

इस 14 जून को डोनल्ड ट्रंप ने अपना 70वां जन्मदिन मनाया है. अगर ट्रंप निर्वाचित होते हैं, तो वह सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे. रोनल्ड रीगन के राष्ट्रपति बनने के समय उनकी उम्र 69 साल थी. हिलेरी क्लिंटन की उम्र भी 69 साल हो गई है. हिलेरी के जीतने की सूरत में वह दूसरी सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगी.

2. न्यूयॉर्क

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption इस बार राष्ट्रपति न्यूयॉर्क से बनेगा.

1944 के बाद न्यूयॉर्क की दो शख्सियतों के बीच यह पहला मुकाबला है. इससे पहले न्यूयॉर्क के गवर्नर थॉमस ई डेवे ने फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के खिलाफ चुनाव लड़ा था. बाजी जिसके पक्ष में भी जाए, 71 साल बाद कोई अमरीकी राष्ट्रपति न्यूयॉर्क से होने जा रहा है. वैसे हिलेरी क्लिंटन शिकागो में पैदा हुई थीं लेकिन वह न्यूयॉर्क से ही सेनेटर थीं.

यह भी पढ़ें: हिलरी या ट्रंप- क्या कहते हैं भारतीय छात्र

3. पैसा

अगर ट्रंप चुनाव जीतते हैं तो शायद वह सबसे कम पैसों में प्रचार अभियान चलाने वाले विजेता उम्मीदवार होंगे. इससे पहले अल गोर ने 2000 में काफी कम रकम खर्च की थी. हिलेरी खर्च के मामले में ट्रंप से कहीं आगे हैं.

4. अनुभव

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption ड्वाइट आइजनहोवर

ट्रंप का जीतना एक और कारण से महत्वपूर्ण होने जा रहा है. पिछले 60 सालों में अमरीका को कोई ऐसा राष्ट्रपति नहीं मिला है जो कांग्रेस का सदस्य या किसी राज्य का गवर्नर नहीं रहा है. गैरसियासी पृष्ठभूमि से आने वाले पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहोवर द्वितीय विश्व युद्ध के समय गठबंधन सेना के सुप्रीम कमांडर थे.

यह भी पढ़ें: ट्रंप और हिलेरी के बीच कांटे की टक्कर

आइजनहोवर 1953 में अमरीका के राष्ट्रपति बने थे. 1929 से 1933 तक राष्ट्रपति रहे हरबर्ट हूवर पेशे से इंजीनियर और मानवतावादी थे. अतीत में जुआघर और होटल चलाने वाला कोई व्यक्ति कभी राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बना है. लेकिन ट्रंप की दलील है कि उन्हें सौदे करने का अनुभव है और वे वॉशिंगटन के सत्ता प्रतिष्ठान से बंधे हुए नहीं है. यह बात उनके पक्ष में जाती है.

5. पहली महिला राष्ट्रपति

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption जॉन मकेन और सारा पालिन

हिलेरी क्लिंटन के सियासी फलक पर पदार्पण के साथ ही दो चीजें तय हो गई थीं. एक तो यह कि वह पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं, दूसरी किसी प्रमुख राजनीतिक पार्टी ने पहली बार किसी महिला को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. इससे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मकेन ने सबको हैरत में डालते हुए अलास्का की गवर्नर सारा पालिन को 2008 में उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था. 1984 में डेमोक्रैट लीडर वॉल्टर मोंडाले ने गेराल्डाइन फेरारो को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना चुके थे. हालांकि दोनों में से कोई भी चुनाव जीतने में कामयाब नहीं पाया.

6. डेमोक्रैट को लगातार दूसरी पारी

अतीत में आश्चर्यजनक रूप से दो बार ऐसा हुआ है कि डेमोक्रैट नेता का उत्तराधिकारी भी उसी की पार्टी से आया हो. हैरी ट्रूमैन और लिंडन जॉनसन दोनों ही उपराष्ट्रपति थे और राष्ट्रपति की मृत्यु के बाद दोनों को ही राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया गया था. उन दोनों ने ही राष्ट्रपति पद का अगला चुनाव भी जीता. क्लिंटन की जीत इस लिहाज से भी डेमोक्रैट पार्टी के लिए अहम हो सकती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे