पाकिस्तान का भारत पर जासूसी नेटवर्क चलाने का आरोप

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पाकिस्तान का कहना है कि उसने जासूसों के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफ़ाश किया है जो इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपनी गतिविधियां चला रहे थे.

कथित रूप से जासूसी का नेटवर्क चलानेवाले अधिकारियों के नाम और उनकी तस्वीर मीडिया में लीक की गई है.

बुधवार को पाकिस्तान ने कहा कि वो दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में काम कर रहे छह अधिकारियों को वापस बुला रहा है जिन्हें भारत ने संदिग्ध जासूस कह कर देश छोड़ने को कहा था.

सितंबर में कश्मीरी चरमपंथियों के हाथों 19 भारतीय सैनिकों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. हालांकि पाकिस्तान इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार करता है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "हम इस बात से निराश हैं कि भारत न केवल चरमपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उसके वित्तीयन में लिप्त पाया गया है, बल्कि भारत अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए अपने राजनयिक मिशन का भी इस्तेमाल कर रहा है."

ये अभी साफ़ नहीं है कि भारत नाम लिए गए आठ अधिकारियों को वापस बुलाएगा या फिर पाकिस्तान उन्हें देश छोड़ने को कहेगा.

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Image caption भारत ने पाकिस्तानी राजनयिकों पर जासूसी का लगाया आरोप

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने संवाददाताओं से कहा, "हम इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के कुछ अधिकारियों के खिलाफ़ पाकिस्तान द्वारा लगाए गए निराधार और बिना सबूत के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं"

उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों को ग़लत तरीके से फ़ंसाया गया है और वे अधिकारी दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों पर काम कर रहे थे.

दोनों ही देशों ने एक-दूसरे पर कश्मीर में 2003 के युद्धविराम के उल्लंघन के आरोप पिछले हफ्तों में लगाए हैं.

1947 में ब्रिटेन से आज़ादी मिलने के बाद से दोनों देशों के बीच कश्मीर विवाद को लेकर दो बार लड़ाई हो चुकी है.

पिछले शुक्रवार से लेकर अब तक सीमा पार से होनेवाली गोलीबारी में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं जिनमें ज़्यादातर आम नागरिक हैं.

जासूसी विवाद की शुरुआत

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Image caption पाकिस्तान में कश्मीर में भारतीय शासन के विरोध में प्रदर्शन में शामिल लोग

इस पूरे कूटनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय अधिकारियों ने महमूद अख्तर नाम के एक पाकिस्तानी राजनयिक पर जासूसी का आरोप लगाकर गुरुवार को दिल्ली में पूछताछ की. उसके तुरंत बाद ही उन्हें निष्कासन का आदेश दे दिया गया.

उसके बाद पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिक सुरजीत सिंह पर ऐसे ही आरोप लगाकर उन्हें निष्कासित कर दिया.

कुछ दिन बाद भारतीय अधिकारियों ने मीडिया में महमूद अख्तर का रिकॉर्डेड बयान जारी किया जिसमें उन्होंने चार और पाकिस्तानी उच्चायोग अधिकारियों का नाम लिया था जो कूटनीतिक संरक्षण का फ़ायदा उठाकर जासूसी का काम कर रहे थे.

सोमवार को पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के छह अधिकारियों को वापस बुलाया जा रहा है जिसमें वे चार राजनयिक भी शामिल हैं क्योंकि उनकी सुरक्षा को ख़तरा है.

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