डोनल्ड ट्रंप के समर्थन में उतरीं मेलानिया

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अमरीका में राष्ट्रपति चुनावों से पहले की सरगर्मियां तेज़ हैं. हिलेरी क्लिंटन और डोनल्ड ट्रंप ने अलग अलग सभाएं की हैं और अपनी जीत के दावे किए हैं. की पत्नी मेलानिया और बेटी इवान्का ने पहली बार उनके समर्थन में प्रचार किया है.

यह पहली बार था जब मेलानिया ने अपने पति डोनल्ड ट्रंप के लिए प्रचार किया है. पेनसिलावेनिया में मेलानिया और उनकी बेटी इवान्का ने ट्रंप के समर्थन में भाषण दिए हैं और खासतौर पर महिलाओं से अपील की है कि वो ट्रंप को वोट दें.

मेलानिया ने अपने भाषण में बताया कि अगर ट्रंप जीतते हैं तो फर्स्ट लेडी के तौर पर मेलानिया किन कामों को प्रमुखता देंगीं.

उनका कहना था, 'मैं महिलाओं का हर दिन का जीवन बेहतर करने के लिए काम करूंगी. अमरीका की महिलाएं बेहद मजबूत, समझदार, प्रतिबद्ध और मेहननती हैं. अगर उन्हें मौका मिले तो वो सबकुछ हासिल कर सकती हैं. देश की पचास परसेंट महिलाएं गरीबी में हैं और हम तब तक पूर्ण रूप से विकसित देश नहीं कहे जा सकते जब तक महिलाओं की हालत बेहतर नहीं होती.''

उधर डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन भी स्विंग राज्यों में लगातार प्रचार अभियान में लगी हुई हैं. नॉर्थ कैरोलीना में भाषण देते हुए हिलेरी ने लोगों को चेताया कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति बने तो वो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होंगे.

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उनका कहना था, ''अगर डोनल्ड ट्रंप चुनाव जीत कर कमांडर इन चीफ बनते हैं तो ये बेहद खतरनाक होगा. वो ऐसे आदमी हैं जो चाहते हैं कि देशों के बाद परमाणु हथियार हो. वो विदेशी नेताओं की बेइज्जती कर देंगे जिससे युद्ध संभव है.''

डोनल्ड ट्रंप ने अपने भाषणों में हिलेरी पर निशाना साधने की बजाय अपनी जीत को अवश्यंभावी करार दिया है. फ्लोरिडा में प्रचार अभियान के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनकी पार्टी और वो जीत की तरफ बढ़ रहे हैं जिससे अमरीका में बड़े बदलाव होंगे.

उनका कहना था, ''हम कुछ बेहतरीन कर गुजरने की राह पर हैं. ये एक ऐतिहासिक बदलाव होगा. असफल राजनीतिक व्यवस्था से सत्ता दूसरे हाथों में जाएगी. हम ये ताकत अमरीकी लोगों के हाथों में सौपेंगे.''

हालांकि अब हिलेरी और ट्रंप की रेटिंग में अंतर काफी कम रह गया है और शायद इसलिए राष्ट्रपति बराक ओबामा लगातार हिलेरी के समर्थन में सभाएं कर रहे हैं. मियामी में एक सभा में ओबामा ने फिर से ट्रंप की आलोचना की.

उनका कहना था, ''अगर आप राष्ट्रपति बनने से पहले ही नस्लभेदी संगठन क्लू क्लक्स के समर्थकों के साथ सहानुभूति रखते हैं तो आप राष्ट्रपति बन के भी उनसे समर्थन लेंगे. अगर आप राष्ट्रपति बनने से पहले संविधान की बेइज्जती करते हैं और मीडिया को बंद करने की बात करते हैं, लाइव डिबेट में अपने विरोधी को जेल में डालने की बात करते हैं तो राष्ट्रपति बनने के बाद आपके पास ऐसा करने की ताकत होगी. लोगों को सोचना होगा कि हम कैसे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाने जा रहे हैं.''

चुनाव में अब मात्र पांच दिन बचे हैं और उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में चुनाव प्रचार और तेज ही होगा.

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