'धमाके से पहले कहा था दरग़ाह से निकल जाओ'

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Image caption धमाके के बाद अस्पताल की ओर दौड़ पड़े थे लोग.

बलूचिस्तान की एक सूफ़ी मुस्लिम दरग़ाह 'शाह नूरानी' में हुए भीषण धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है और 100 से ज़्यादा लोग ज़ख़्मी हैं.

शाह नूरानी दरग़ाह में मग़रिब की नमाज़ से कुछ पहले यह ज़ोरदार धमाका हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि जिस वक़्त यह धमाका हुआ, उस वक़्त दरग़ाह में धमाल (सूफी उत्सव के दौरान होने वाला एक तरह का नृत्य) जारी था.

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एक प्रत्यक्षदर्शी बुज़ुर्ग महिला ने बताया कि जब वो दरग़ाह में थीं, तो किसी ने उनसे कहा था कि दरग़ाह से बाहर निकल जाओ. उन्होंने बताया, "मैंने बस क़दम दरग़ाह से बाहर रखा ही था कि धमाका हो गया. धमाके के बाद अफ़रातफ़री मच गई और कई परिवार बिछड़ गए."

क्वेटा-कराची हाइवे पर पड़ने वाले दूर-दराज़ के कुज़दार ज़िले में शाह नूरानी दरग़ाह है, जिसकी सूफ़ी मुसलमानों में काफ़ी मान्यता है. सिंध के इलाके के तमाम लोग हर इतवार इस दरग़ाह पर जमा होते हैं.

पाकिस्तान की स्वयंसेवी संस्था ईधी फाउंडेशन के प्रमुख फ़ैसल ईधी बताते हैं, "यह दूर-दराज़ का इलाका है. धमाके के वक़्त अंधेरा भी हो चुका था. इस वजह से ज़ख़्मी लोगों को कराची के अस्पतालों में पहुंचाने में 5-6 घंटे लगे और हताहतों की संख्या इतनी बढ़ गई."

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Image caption 100 से ज़्यादा लोगों के जख़्मी होने की ख़बर है.

कुज़दार और कराची से 50 सैनिकों की एक टुकड़ी को बचाव कार्य में लगाया गया है. इससे पहले दो हेलिकॉप्टर और 20 एंबुलेंस भी बचाव कार्य के लिए भेजे गए थे.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के गृह मंत्री सरफराज बुगटी ने बीबीसी उर्दू से बात करते हुए इशारा किया कि विस्फोट के पीछे बाहरी हाथ हो सकता है. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने हमले की निंदा करते हुए बचाव और राहत दलों को काम पर लगाया है.

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