'ट्रंप अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों का सम्मान करेंगे'

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Image caption बराक ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने सहयोगी देशों को आश्वस्त किया है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद को संभालने के बाद अमरीका के अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों का सम्मान करेंगे.

ओबामा के मुताबिक़ ट्रंप ने नैटो को लेकर अमरीका की प्रतिबद्धता के प्रति दिलचस्पी ज़ाहिर की है.

राष्ट्रपति के रुप में अपने आख़िरी विदेश दौरे पर रवाना होने के पहले बराक ओबामा ने सहयोगी देशों की उन चिंताओं को दूर करने की कोशिश की जो डोनल्ड ट्रंप के निर्वाचित होने के बाद सामने आई हैं.

ओबामा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देशों के बीच साझेदारियां राष्ट्रपतियों के कार्यकाल से आगे जाती हैं. राजनयिक, सेना और ख़ुफ़िया अधिकारी अमरीका के सहयोगियों के साथ साझेदारी में काम करते रहेंगे.

ओबामा ने कहा कि ट्रंप नैटो के प्रति प्रतिबद्धता बरक़रार रखने में दिलचस्पी दिखा चुके हैं.

बीते मंगलवार को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन पर जीत दर्ज करने वाले ट्रंप ने चुनाव अभियान के दौरान नैटो को लेकर संशय भरा रुख़ दिखाया था. ट्रंप का कहना था कि नैटो पुराना पड़ चुका है.

इन चिंताओं के बीच ग्रीस रवाना होने के पहले बराक ओबामा ने कहा, ''नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के साथ मेरी बातचीत के दौरान उन्होंने हमारी रणनीतिक साझेदारी को बरक़रार रखने में गहरी दिलचस्पी दिखाई. इसलिए मैं ये संदेश देना चाहूंगा कि वो नैटो के लिए प्रतिबद्ध हैं.''

इस अवसर पर ओबामा ने ट्रंप को मशविरा दिया है कि वो बोलने के पहले सावधानी बरतें.

उधर, डोनल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच फ़ोन पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं के बीच सीरिया और दोनों देशों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

रूस के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने कहा है कि वो 'रुस-अमरीका संबंधों को सामान्य' बनाने के लिए प्रयास करेंगे. डोनल्ड ट्रंप जनवरी में कार्यभार संभालेंगे.

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डोनल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत में सीरिया और दोनों देशों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

रूस के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने कहा है कि वो 'रुस-अमरीका संबंधों को सामान्य' बनाने के लिए प्रयास करेंगे.

पुतिन ने ट्रंप को "चुनावी कार्यक्रम को कामयाबी के साथ लागू करने के लिए शुभकामनाएं दी हैं."

पुतिन ने ट्रंप से कहा कि वो 'बराबरी के सिद्धांत के आधार पर' नए प्रशासन के साथ बातचीत की शुरुआत के लिए तैयार हैं.

ट्रंप ने पुतिन की तारीफ़ करते हुए कहा, "वो हमारे राष्ट्रपति से भी ज्यादा लंबे वक़्त तक नेता रहे हैं."

इसके जवाब में पुतिन ने ट्रंप को 'अद्वितीय बताया और कहा कि उनके प्रतिभाशाली होने पर कोई संदेह नहीं है'.

रूस से मिली जानकारी के मुताबिक़ फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान ट्रंप और पुतिन के बीच सीरिया को लेकर भी चर्चा हुई है. दोनों नेताओं ने माना कि रुस और अमरीका के मौजूदा रिश्ते 'बेहद निराशाजनक' दौर में हैं.

दोनों नेताओं के बीच इस तथ्य को लेकर भी चर्चा हुई कि साल 2017 में दोनों देशों के राजनयिक रिश्तों को 210 साल पूरे हो जाएंगे.

रूस के मुताबिक़ पुतिन और ट्रंप एक दूसरे से फ़ोन के ज़रिए संपर्क में रहने पर सहमत हुए और उनके बीच भविष्य में मुलाक़ात तय करने पर भी सहमति बनी.

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