ओबामा: विभाजनकारी राष्ट्रवाद से बचना होगा

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि दुनिया का भविष्य संघर्ष की ओर ले जाने वाली बातों से तय नहीं होगा. ओबामा ने कहा कि अमरीका नस्ल और मजहब के आधार पर विभाजन के दर्दनाक ख़तरों से वाकिफ है.

राष्ट्रपति के तौर पर अपने आखिरी विदेश दौरे पर ग्रीस पहुंचे ओबामा ने दुनिया को विभाजनकारी राष्ट्रवाद के ख़तरे से भी आगाह किया.

ओबामा ने कहा, 'हमें इससे बचना होगा. ऐसी पहचान जो इससे तय न हो कि आप हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ़ हैं. '

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उन्होंने किसी ख़ास घटना का जिक्र नहीं किया लेकिन इसे ब्रिटेन और अमरीका में हुए चुनावों के अप्रत्याशित नतीजों से जोड़कर देखा जा रहा है. राष्ट्रपति के तौर पर अपनी आखिरी विदेश यात्रा कर रहे ओबामा ने ग्रीस में कहा कि मजबूत और एकजुट यूरोप और नैटो गठबंधन अमरीका के लिए अहम है.

ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस त्सिप्रास की मौजूदगी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओबामा ने कहा कि नस्लवाद और कट्टरता जैसी चीजें देश की प्रगति को पीछे की तरफ ले जाती हैं.

ओबामा के अनुसार, 'अमरीका में जब हम अपने आप को नस्ल या धर्म के आधार पर बांटते हैं तो हम जानते हैं कि क्या होता है? ये ख़तरनाक है. सिर्फ उन अल्पसंख्यक समूहों के लिए नहीं जिनके साथ भेदभाव या हिंसा होती है लेकिन क्योंकि जब हम काले लोगों, एशियाई लोगों, गे लोगों और महिलाओं को अपनी पूरी क्षमता के साथ अमरीकी जीवन को तैयार करने में भूमिका निभाने से रोकते हैं तो हम एक देश के तौर पर अपनी क्षमताओं को नहीं पहचानते हैं.'

ओबामा ने ये भी कहा कि मजबूत और एकजुट यूरोप दुनिया और अमरीका के लिए अच्छा है. अमरीकी हितों के लिए नैटो अहम है.

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अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चुनाव अभियान के दौरान नैटो की भूमिका को लेकर सवाल उठाए थे.

उधर, ग्रीस के यूरोप मामलों के मंत्री जॉर्ज कटरुगलोस ने बीबीसी से कहा कि ट्रंप को लेकर अभी कोई भी राय रखना जल्दीबाजी होगी.

उन्होंने कहा, 'हमें इंतज़ार करना होगा होगा और देखना होगा कि क्या नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के बयान बदलते हैं जबकि उन पर अमरीका जैसे बड़े देश के भविष्य की जिम्मेदारी है. मैं समझता हूं कि अभी ऐसा करना जल्दबाज़ी होगी लेकिन मुझे लगता है कि अगर हम यूरोप और अमरीका के बीच सार्थक साझेदारी चाहते हैं तो लोकतंत्र के मूल्यों, मानवाधिकारों और विविधता के मूल्यों के सम्मान पर ज़ोर देना जरुरी है.'

उधर, डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर उन्होंने चुनाव में अलग तरीके से प्रचार किया होता तो हिलेरी क्लिंटन के मुक़ाबले ज़्यादा पॉपुलर वोट हासिल कर सकते थे.

एक राज्य में वोटों की गिनती बाकी रहते हुए हिलेरी क्लिंटन ने ट्रंप के मुक़ाबले करीब दस लाख से ज्यादा वोट हासिल कर लिए थे लेकिन इलेक्ट्रल कॉलेज सिस्टम में ट्रंप को जीत हासिल हुई. ट्रंप ने रविवार को कहा था कि ये प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण है और वो सीधे वोटों की प्रक्रिया पसंद करते हैं.

हालांकि, उन्होंने मंगलवार को कहा कि वो सीधी वोटिंग में भी जीत हासिल करते. उन्होंने कहा कि वो इलेक्ट्रॉल कॉलेज सिस्टम का सम्मान करते हैं लेकिन ये देखना ज्यादा पसंद करेंगे कि सीधे वोटों का नतीजा क्या रहता है.

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