पॉपुलर वोट: हिलेरी को ट्रंप पर 20 लाख की बढ़त मिली

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हिलेरी क्लिंटन ने अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में पॉपुलर वोटों के मामले में डोनल्ड ट्रंप को बीस लाख वोटों से पीछे छोड़ दिया है

कुक पॉलिटिक्ल रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो सप्ताह से पॉपुलर वोटों की गिनती जारी है और हिलेरी इसमें 20 लाख वोटों से आगे चल रही हैं.

रिपब्लिकन डोनल्ड ट्रंप, डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन को हरा कर अमरीका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं.

डोनल्ड ट्रंप को 279 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिले और हिलरी क्लिंटन को 228 के नंबर से ही संतोष करना पड़ा.

वैसे यह स्पष्ट है कि इस चुनाव में हिलेरी को प्रतिशत के हिसाब से ज़्यादा वोट मिले.

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आम जनता के वोट यानी पॉपुलर वोट में जीत के अलावा दोनों उम्मीदवारों की निगाहें इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों पर टिकी होती हैं.

पॉपुलर वोट में बहुमत और इलेक्टोरल कॉलेज में अपने प्रतिस्पर्धी से कम वोट हासिल करने के बावजूद उम्मीदवार की हार हो सकती है.

इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम में जिस प्रांत में जिस उम्मीदवार को वोट बहुमत मिलता है, उस प्रांत को पूरे इल्केटोरल वोट उसके खाते में चले जाते हैं.

2000 के चुनाव में अल गोर को पॉपुलर वोट में जॉर्ज बुश से पांच लाख अधिक वोट मिले, लेकिन सीनेट में थोड़ा पीछे रह गए, जिसके कारण वो चुनाव हार गए थे.

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इस बार हिलेरी को कैलीफोर्निया जैसे राज्यों में अच्छे खासे वोट हासिल हुए थे लेकिन ट्रंप को स्विंग स्टेट्स में बढ़त मिलने की वज़ह से जीत हासिल हुई.

स्विंग स्टेट वो राज्य माने जाते हैं जहां पर मतदाता डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के बीच कमोबेश बराबरी में बंटे होते हैं

इस वजह से दोनों ही दलों के उम्मीदवार इन राज्यों में जमकर प्रचार करते हैं ताकि यहां के मतदाताओं को अपने पक्ष में कर सकें.

इलेक्टोरल कॉलेज वह व्यवस्था है जो उन उम्मीदवारों का पक्ष लेती है जो कई राज्यों में छोटे अंतर से जीत हासिल करते हैं.

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