'हमने सर्जिकल स्ट्राइक की तो भारत की नस्लें याद रखेंगी'

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Image caption पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा

इस हफ़्ते भारत-पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ के कार्यकाल की समाप्ति और नए सेना प्रमुख की बहाली, भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर दोनों ओर से की जाने वाली फ़ायरिंग, भारत में नोटबंदी वग़ैरह जैसे मुद्दे छाए रहे.

पहले बात पाकिस्तान के अख़बारों की. रोज़नामा ख़बरें ने जनरल राहील शरीफ़ के बयान को सुर्ख़ी बनाया है.

जनरल राहील शरीफ़ कहते हैं, ''भारत ने एलओसी पर सर्जिकल स्ट्राइक का झूठा ड्रामा रचा है. अगर हमें सर्जिकल स्ट्राइक की तो भारत की नस्लें याद रखेंगी और भारत के स्कूली पाठयक्रम में पाकिस्तानी सेना के क़िस्से पढ़ाए जाएंगे.''

इस दौरान मौजूदा सेना प्रमुख राहील शरीफ़ ने अपने रिटायरमेंट से पहले पत्रकारों से बात भी की.

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रोज़नामा दुनिया के अनुसार जनरल राहील शरीफ़ ने कहा है कि उन्होंने रिटायरमेंट का फ़ैसला पाकिस्तान की भलाई के लिए किया. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान सेना ने जो काम शुरु किए हैं, वो आगे भी जारी रहेंगे.

जनरल शरीफ़ ने कहा, ''पाकिस्तान की अवाम ने दहशतगर्दी को जड़ से उखाड़ फेंकने का पक्का इरादा कर लिया है और मुझे पूरा यक़ीन है कि पाकिस्तान की सरज़मीन से दहशतगर्दी का सफ़ाया हो जाएगा.''

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Image caption पाकिस्तान के मौजूदा सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं.

पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा इस महीने 29 तारीख को रिटायर हो रहे सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ की जगह लेंगे.

अख़बार जंग लिखता है कि बलोच रेजीमेंट के जनरल क़मर जावेद बाजवा की जहां भी तैनाती की गई, उन्होंने वहां अपने काम का लोहा मनवाया है.

उन्हें भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर काम करने का लंबा अनुभव है.

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भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बारे में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है.

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Image caption पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ (फाइल फोटो)

रोज़नामा एक्सप्रेस के मुताबिक रक्षा मंत्री का कहना था, ''हम पाकिस्तान की सरहदों, जल और वायु सीमा की सुरक्षा में पूरी तरह सक्षम हैं. हमारा एक जवान शहीद होता है तो भारतीयों को चार लाशें उठाना पड़ती हैं.''

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब बठिंडा में दिया भाषण भी सुर्खियों में रहा. इसमें उन्होंने भारत से होकर पाकिस्तान जाने वाली नदियों के पानी को रोकने की बात कही थी.

रोज़नामा ख़बरें लिखता है, ''पाकिस्तान का पानी रोक कर उसे रेगिस्तान बना देंगे, मोदी की धमकी.''

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Image caption भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इस अख़बार के मुताबिक मोदी ने कहा, ''पाकिस्तान अभी तक कथित सर्जिकल स्ट्राइक के धक्के से उबर नहीं पाया है और भारत के ख़िलाफ़ लड़कर ख़ुद को तबाह कर रहा है.''

इस हफ़्ते सीपेक यानी चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी ख़बरें भी छाईं रहीं.

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Image caption पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ (फाइल फोटो)

रोज़नामा ख़बरें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ के बयान का हवाला देते हुए लिखता है, ''रूस को सीपेक में शामिल होने की इजाज़त है. जो भी आना चाहे उसका स्वागत है.''

वहीं अख़बार जंग लिखता है कि नवाज़ शरीफ़ का दावा है कि आधी दुनिया सीपेक से फ़ायदा उठाएगी.

नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि बहुत से देश सीपेक में शामिल होने की ख़्वाहिश रखते हैं और सीपेक के ज़रिए दक्षिण एशिया और सेंट्रल एशिया को सड़क और रेल के ज़रिए मिलाया जाएगा.

रुख़ भारत का करें तो भारत प्रशासित कश्मीर के हालात, भारत-पाक सीमा पर दोनों तरफ़ से होने वाली फ़ायरिंग के अलावा भारत में नोटबंदी का मामला सुर्ख़ियों में रहा.

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Image caption बीएसपी प्रमुख मायावती (फाइल फोटो)

इंक़लाब अख़बार ने नोटबंदी के फ़ैसले पर विपक्षी पार्टियों के बयान को सुर्ख़ी बनाया है.

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के बयान के हवाले से अख़बार लिखता है कि मोदी आंसू बहाकर लोगों को जज़्बाती तौर पर ब्लैकमेल कर रहे हैं.

वहीं सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने नोटबंदी के मामले में संसद में बयान देने से बचते रहने पर उन्हें 'मौन मोदी' क़रार दिया.

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रोज़नामा सहाफ़त ने भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत के भारत प्रशासित कश्मीर के बारे में दिए गए बयान को पहले पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार के मुताबिक़ मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख़्य वक्ता के तौर पर दुलत ने कहा कि भारतीय कश्मीर के हालात इतने ख़राब पहले कभी नहीं थे.

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर समस्या का हल तलाशने का मौक़ा खो रहे हैं.

कश्मीर के ही मुद्दे पर भारत प्रशासित कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक अब्दुल्लाह के एक बयान को राष्ट्रीय सहारा ने अपनी सुर्ख़ी बनाई है.

अख़बार के अनुसार फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा है कि पाक प्रशासित कश्मीर ('पीओके') हिंदुस्तान की बपौती नहीं है जिसे वो हासिल कर ले.

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Image caption भारत प्रशासित कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक अब्दुल्लाह फाइल फोटो

उन्होंने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार पाक प्रशासित कश्मीर को पाकिस्तान से लेकर के दिखाए.

इस्लामिक धर्म प्रचारक डॉक्टर ज़ाकिर नायक की संस्थान इस्लामिक रिसर्च फ़ाउंडेशन पर पाबंदी, ख़ुद ज़ाकिर नायक पर चरमपंथी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में केस का दर्ज करना भी उर्दू अख़बारों में छाया रहा.

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Image caption इस्लामिक धर्म प्रचारक डॉक्टर ज़ाकिर नायक

रोज़नामा जदीद ख़बर ने इस पर संपादकीय में लिखा है कि हमें ज़ाकिर नायक के विचार से विरोध करने का पूरा अधिकार है लेकिन जिस तरह से उन पर एकतरफ़ा कार्रवाई की गई है वो संविधान में दिए गए धार्मिक आज़ादी का गला घोंटने के बराबर है.

अख़बार लिखता है कि ज़ाकिर नायक का सबसे बड़ा अपराध ये है कि वो अपने भाषणों और अपनी प्रकाशित किताबों के ज़रिए इस्लाम धर्म के बारे में फैलाई जा रही ग़लतफ़हमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे थे.

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