आपको छोटू कहने में मज़ा क्यों आता है?
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आपको छोटू कहने में मज़ा क्यों आता है?

उन्हें छोटू, छूटिया, लड़के, कप्पू, कालिया, नत्थु-फत्थु जैसे नाम से पुकारने में किसी को कोई दिक्क़त नहीं होती. हममें से अक्सर ये सोचकर ये आराम से हो जाते हैं कि इन हेल्पर्स की न आंखें होती हैं, न कान, न ज़बान, न दिल, न दिमाग़ और न ज़ज्बात. बस खाना और चंद सौ रुपल्लियां टिकाओ और महीना भर अहसान जताते रहो.