कॉमरेड फ़िदेल को दुनियाभर में याद किया गया

बीसवीं शताब्दी की क्रान्तियों के महानायकों की शृंखला की अन्तिम कड़ी फिदेल कास्त्रो अब हमारे बीच नहीं हैं.

उनकी विगत शुक्रवार, 25 नवम्बर को 90 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई.

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Image caption फ़िदेल की स्मृति में क्यूबा के राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया है.
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Image caption फ़िदेल कास्त्रो ने हवाना की जिस यूनिवर्सिटी में क़ानून की पढ़ाई की, वहां की एक छात्रा फ़िदेल की तस्वीर के साथ
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Image caption गज़ा, वियतनाम, भारत, चीन, मैक्सिको, चिली जैसे देशों में भी फ़िदेल के चाहनेवाले शोकग्रस्त हैं.
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Image caption चिली की राजधानी सैंटियागो में क्यूबा के दूतावास में फ़िदेल की एक समर्थक
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Image caption मेक्सिको में क्यूबा के दूतावास में अपने प्रिय नेता के श्रद्धांजलि समारोह में पहुंची उनकी एक समर्थक
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Image caption अल सल्वाडोर में क्रांतिदूत फ़िदेल को श्रद्धांजलि देते लोग
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Image caption वियतनाम में क्यूबा के दूतावास में श्रद्धांजलि देते लोग
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Image caption 'मुझे जिंदगी देने वाले को मेरा आखिरी सलाम'. फ़िदेल ने वियतनाम युद्ध के दौरान इस महिला का जीवन बचाया था .
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Image caption नम आंखों से कॉमरेड ​फ़िदेल को लाल सलाम. वियतनाम की राजधानी हनोई में कास्त्रों के साथ छात्र जीवन में हुई मुलाक़ात की फोटो को दिखाते हुए कम्युनिस्ट पार्टी के एक सदस्य.
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Image caption आंखों में नमी और दिल में समाजवाद की चाह लिए ग़जा शहर में क्रांतिकारी नेता को श्रद्धांजलि देती युवती.
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Image caption ग़जा शहर में क्रांतिकारी नेता को श्रद्धांजलि देते लोग

क्यूबा में फ़िदेल को अंतिम विदाई देते समय 21 तोपों की सलामी दी गई. शोकग्रस्त हज़ारों लोगों ने फ़िदेल की राह पर चलने का संकल्प लिया. उन्होंने तय किया कि वे अपने नेता के समाजवादी और राष्ट्रवादी सिद्धांतों का पालन करेंगे.

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