#100Women: डाउन सिंड्रोम से पीड़ित मशहूर फ़ैशन डिज़ाइनर

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ग्वाटेमाला की इसाबेल स्प्रींगमुहल आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी-मानी फ़ैशन डिज़ाइनर हैं. वो डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं.

फ़ैशन डिज़ाइनिंग की पढ़ाई करने के लिए जब इसाबेल ने ग्वाटेमाला के स्कूलों से संपर्क किया तो उन्होंने उन्हें दाख़िला देने से मना कर दिया. वो डाउन सिंड्रोम की शिकार थीं. स्कूलों का कहना था कि वो परिस्थितियों का मुक़ाबला नहीं कर पाएंगी.

उनकी मां ईज़ाबेल तखाता बताती हैं कि इस इनकार ने इसाबेला के जीवन को पूरी तरह बदलकर रख दिया. उन्होंने बताया कि इसके बाद इसाबेल ने सिलाई सीखने का फ़ैसला किया और वो उसे महिलाओं के सिलाई प्रशिक्षण केंद्र लेकर गईं.

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प्रशिक्षण केंद्र में इसाबेल को ग्वाटेमाला और मैक्सिको की लोक परंपरा वाली हाथ से बनी गुड़ियों के लिए पारंपरिक कपड़े तैयार करने के लिए कहा गया.

इस तरह की गुड़िया को बच्चों के तकिए के नीचे इसलिए रख दिया जाता है, ताकि जब बच्चे सो जाएं तो वो उनके सभी दुखों को अपने साथ लेकर चली जाए.

इस अवसर को इसाबेल ने एक अलग ही नज़रिए से देखा.

उनकी मां बताती हैं, ''इसाबेल उंगलियों के आकार की गुड़ियों के लिए कपड़े नहीं डिज़ाइन करना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने बड़े आकार की गुड़िया बनाई और उसके लिए कढ़ाईदार जैकेट और दूसरे कपड़े बनाए, जिसके लिए आज वो मशहूर हैं.''

इसके बाद इसाबेल ने गुड़िया छोड़ इंसानों के लिए कपड़े डिज़ाइन करना शुरू कर दिए. बहुत जल्द ही उन्होंने ऐसे कपड़े बनाए, जिन्होंने फ़ैशन वर्ल्ड का ध्यान अपनी ओर खींचा.

इस साल के शुरू में वो लंदन फ़ैशन वीक में भाग लेने वाली डाउन सिंड्रोम से पीड़ित पहली फ़ैशन डिज़ाइनर बन गईं.

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वो बताती हैं कि अपने लिए कपड़े तलाशने में आ रही परेशानी ने उन्हें डिज़ाइनर बनने के लिए प्रेरित किया.

इसाबेल कहती हैं कि उनकी माँ जब भी उनके लिए कपड़े लेकर आती थीं, तो उन्हें मेरे लायक़ बनाने के लिए उसमें काट-छांट करनी पड़ती थी.

इसके बाद मैंने डाउन सिंड्रोम से पीड़ित लोगों के लिए कपड़े डिज़ाइन करने का फ़ैसला किया. मुझे ग्वाटेमाला के कपड़े और उनके रंग काफ़ी पसंद हैं.

इसाबेल के डिज़ाइन किए रंग-बिरंगे कपड़ों में ग्वाटेमाला के पुराने कपड़ों पर फूल-पत्तियों की कशीदाकारी है. इन कपड़ों ने इसाबेल की लोकप्रियता काफ़ी बढ़ा दी.

पनामा और मियामी में अगले साल होने वाले फ़ैशन शो के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है.

उनकी मां कहती हैं कि इसाबेल अपने फ़ैसलों को लेकर काफ़ी ज़िद्दी हैं. वो कहती हैं, ''सच्चाई यह है कि लोग बहुत आलोचनात्कम थे और उनको लगता है कि मैं ये चीज़ें नही कर सकती हूं.''

वो बताती हैं, ''मैं अपने परिवार और दोस्तों को प्यार करती हूं. उन्होंने सपनों को साकार करने में मेरी मदद की. मैं रोम, लंदन, मैक्सिको तक जा चुकी हूं और अगले साल मियामी, शिकागो और शायद उसके अगले साल पेरिस के लिए आमंत्रित की जाऊँ. ''

भविष्य के सवाल पर वो कहती हैं, ''मैं अपने ब्रांड के कपड़ों को पूरी दुनिया में निर्यात करना चाहती हूं. मैं चाहती हूं कि लोग मुझे जानें और यह भी जानें की डाउन सिंड्रोम से पीड़ित लोग वो सब कर सकते हैं, जो उन्हें करने के लिए दिया जाएगा. मैं शत-प्रतिशत आत्मनिर्भर बनना चाहती हूं.''

वो कहती हैं, ''मैं चाहती हूं कि लोग मुझे मेरे काम की वजह से और मेरे दिल में क्या है, उसके लिए जानें-पहचानें.''

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