'गिफ़्ट में सेक्स डॉल लेना गंदी बात'

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चिली के वित्तमंत्री लुइस फ़िलिप सेसपेडेस ने अपनी 'चर्चित प्रतिक्रिया' के लिए माफी मांगी है.

मंगलवार रात को चिली के उद्योगपतियों के साथ आयोजित वार्षिक रात्रिभोज कार्यक्रम में सेसपेडेस को सेक्स डॉल गिफ़्ट की गई थी. जिस वक्त चिली के उत्पादक एवं निर्यातक संघ के प्रमुख रॉबर्टो फ़ेनतुज़ी ने सेसपेडेस को यह डॉल गिफ़्ट की, उस वक्त वित्तमंत्री सेसपेडेस को हंसते हुए देखा गया था.

सेसपेडेस ने कहा कि वे अपना तोहफा देखकर आश्चर्य में पड़ गए थे.

चिली के ज़्यादातर नागरिकों ने वित्तमंत्री की इस प्रतिक्रिया पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की है.

उत्पादक एवं निर्यातक संघ द्वारा भेंट की गई सेक्स डॉल के चेहरे पर एक नोट भी चिपकाया गया था जिसपर लिखा था, "ताकि वित्तमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर सकें".

कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी कुछ तस्वीरें साझा की गईं, जिनमें वित्तमंत्री सेसपेडेस को मंच पर हंसते और सेक्स डॉल को अपनी गोद में लेकर जाते देखा गया.

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संघ के प्रमुख रॉबर्टो फ़ेंनतुज़ी को वार्षिक रात्रिभोज कार्यक्रम में हाई प्रोफ़ाइल मेहमानों को मज़ाकिया उपहार देने के लिए जाना जाता है. लेकिन वित्तमंत्री सेसपेडेस को दिए गिफ़्ट जितना विवादास्पद उपहार उन्होंने पहले कभी नहीं दिया.

इससे पहले फ़ेंनतुज़ी ने 2017 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे सीनेटर एलजांद्रो गुयिलर को एक घोड़ा भेंट किया था जिसपर लिखवाया गया था, "अन्य उम्मीदवारों के साथ दौड़ में बने रहने के लिए".

वित्तमंत्री सेसपेडेस की 'विवादास्पद' तस्वीरें स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद से ही चिली के तमाम नागरिक सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं.

चिली की वरिष्ठ पत्रकार कॉन्सुएलो सालवेद्रा ने ट्वीट किया, "अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तमंत्री को सेक्स डॉल देने से ज्यादा शर्मनाक काम कुछ नहीं हो सकता."

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सबसे ज़्यादा चर्चित रहा चिली की राष्ट्रपति मिशेल बैशलेट का ट्वीट जिसमें उन्होंने लिखा कि सरकार के किसी भी नेता द्वारा आगे से की गई इस तरह की कोई भी गुस्ताख़ी नाकाबिले बर्दाश्त मानी जाएगी.

इसके बाद उत्पादक एवं निर्यातक संघ के प्रमुख फ़ेनतुज़ी ने भी ट्वीट कर इस घटना के लिए माफ़ी मांगी.

सोशल मीडिया पर चिली की तमाम महिलाओं ने लिखा है कि साल 2011 के बाद देश में महिलाओं के प्रति नज़रिया काफ़ी तेज़ी से बदला है, जिसे लेकर चिली पहले से ही जूझ रहा है.

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