अलेप्पो में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू

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सीरिया के अलेप्पो में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके में फंसे लोगों को निकालने का ऑपरेशन शुरू हो गया है.

सीरिया के सरकारी टीवी पर प्रसारित तस्वीरों में एंबुलेंसों और बसों को पूर्वी अलेप्पो से निकलते दिखाया गया है.

बीबीसी प्रोड्यूसर रियाम दलाती के मुताबिक विद्रोहियों के इलाके से पहला काफिला 'हैंडओवर प्वाइंट' पर पहुंच चुका है.

आम लोगों, विद्रोहियों और उनके परिवारों को बुधवार को ही निकाला जाना था, लेकिन संघर्ष विराम के लिए पूर्व में हुआ समझौता नाकाम हो गया था.

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पूर्वी अलेप्पो पर करीब चार साल से विद्रोहियों का कब्ज़ा है. रूस के समर्थन से सरकारी सेना ने इस हफ़्ते विद्रोहियों के कब्ज़े वाले लगभग पूरे क्षेत्र पर अधिकार हासिल कर लिया.

इसे राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने अलेप्पो की 'मुक्ति' की सराहना करते हुए कहा कि नया इतिहास बन रहा है.

इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रास के मध्य पूर्व के क्षेत्रीय निदेशक रॉबर्ट मारडिनी ने कहा, "ऑपरेशन शुरू हो चुका है. हमारी टीमें सुरक्षित हैं और मौके पर जो कुछ कर सकती हैं, वो कर रही हैं. "

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Image caption रुस की सेना के मुताबिक बसों के जरिए घायलों, आम लोगों और विद्रोही लड़ाकों को निकाला जा रहा है.

रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक बसों के जरिए घायलों, आम लोगों और विद्रोही लड़ाकों को पास के इदलिब प्रांत ले जाया जा रहा है. इस प्रांत का ज्यादातर हिस्सा शक्तिशाली विद्रोही गठबंधन के नियंत्रण में है. इस गठबंधन में जबहात फतह अल शाम समूह भी शामिल है.

अलेप्पो से बसें सरकार के नियंत्रण वाले पश्चिमी जिले से होकर विद्रोहियों के नियंत्रण वाले खान टूमान और खान अल असल की तरफ रवाना हुईं.

रूसी सेना के जनरल वैलेरी गेरासिमोफ ने बताया, "चरमपंथियों को बाहर निकालने के लिए 21 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया गया है. छह किलोमीटर का हिस्सा सरकार के नियंत्रण वाला है और बाकी 15 किलोमीटर पर अवैध सशस्त्र समूहों का नियंत्रण है."

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में 20 बसों और 10 एंबुलेंसों को लगाया गया है. कुछ विद्रोही अपने वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनकी संख्या 100 के करीब है.

सीरियाई सेना के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफपी को जानकारी दी कि पहले काफिले में करीब एक हज़ार लोग हैं. उनका कहना था कि ये ऑपरेशन लंबा खिंच सकता है.

इसके पहले सीरिया के सरकारी टीवी ने जानकारी दी थी, "गुरुवार को पूर्वी जिले से 4 हज़ार विद्रोहियों और उनके परिवारों को निकाला जाएगा. उन्हें बाहर निकालने की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं."

रूसी रक्षा मंत्रालय के 'रशियन सेंटर फॉर द रिकाउंसिलिएशन ऑफ अपोज़िंग साइड्स इन सीरिया' की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीरिया के प्रशासन ने अलेप्पो छोड़ने वाले सशस्त्र समूहों के सभी सदस्यों की सुरक्षा की गारंटी ली है.

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Image caption माना जा रहा है कि सीरिया के पूर्वी अलेप्पो में 50 हज़ार लोग फंसे हुए हैं.

सीरिया सरकार का समर्थन करने वाले हिज्बुल्लाह समूह ने कहा कि इसमें 'बड़ी पेचिदगियां' हैं, लेकिन "पूर्वी जिले से सशस्त्र लड़ाकों को बाहर निकालने के लिए सघन संपर्कों के जरिए संघर्ष विराम दोबारा लागू हो सका."

विद्रोहियों ने भी संघर्ष विराम के नए समझौते के अमल में आने की जानकारी दी थी.

अभियान शुरू होते ही पूर्वी अलेप्पो में एंबुलेंस सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि एंबुलेंसों के एक काफिले पर गोलियां चलाई गईं और तीन लोग घायल हो गए.

सिविल डिफेंस समूह 'व्हाइट हेलमेट्स' ने ट्विटर पर जानकारी दी कि एक बंदूकधारी ने एंबुलेंसों के लिए रास्ता साफ करते वक़्त गोलियां चलाईं जिससे एक वरिष्ठ कार्यकर्ता घायल हो गया.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एलिजाबेथ हॉफ ने जानकारी दी कि ऑपरेशन सही तरीके से आगे बढ़ रहा है.

माना जाता है कि फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू होने के पहले पूर्वी अलेप्पो में 50 हज़ार लोग फंसे हुए थे. इनमें चार हज़ार लड़ाके हैं और 10 हज़ार के करीब उनके परिवार के सदस्य हैं. तुर्की के एक मंत्री के मुताबिक करीब एक लाख लोगों को बाहर निकालने की जरूरत हो सकती है.

अलेप्पो में फंसे लोग कई हफ्तों से जारी भारी बमबारी के बीच खाने और ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं. शहर के ज्यादातर अस्पताल मलबे में तब्दील हो चुके हैं. रूस के एक सैन्य अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि लोगों को बाहर निकालने के साथ अलेप्पो में सीरिया की सेना का अभियान लगभग पूरा हो चुका है

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