'स्वर्ग जैसा मेरा सीरिया जल रहा है'

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मेरा सपना डॉक्टर बनने का था. पढ़ने के लिए भारत आना और फिर उसके बाद सीरिया में अपने लोगों की सेवा करने के लिए लौटने का.

पढ़ने के समय ही मैंने सीरिया की राजधानी दमिश्क से 45 किलोमीटर दूर बसे ज़बादानी में एक अस्पताल बनाने का फ़ैसला लिया.

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भारत के किराली में जिस तरह का वैकल्पिक चिकित्सीय व्यवस्था के केंद्र हैं, उसी तर्ज पर केंद्र बनाने की योजना थी. बुलोदान और ज़ाबादानी के बीच 40 एकड़ जमीन देख ली.

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वो एक शानदार जगह है, जिसके चलते स्थानीय ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी आकर्षित हुए. हमने प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया. घर बनाया और पौधे लगाए. सेव, नारंगी और स्ट्राबेरी के.

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आज मुझे एक तस्वीर मिली है, उसी इलाके की. आस पास के इलाकों में ख़ूब बर्फ़बारी हुई है.

दमिश्क से सटे, उसी इलाके में मेरे गुजर चुके भाई ने अपना फार्म हाउस बनवाया था. वे चाहते थे कि मैं उनके घर के पड़ोस में जमीन लेकर घर बनाऊं. मैं भी तैयार हो गया और चार एकड़ ज़मीन ख़रीदी.

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मैं जब भी सीरिया जाता, अपने रिजॉर्ट में अच्छा वक्त बिताता. मेहमानों को लंच पर बुलाता. मध्य सीरिया में रहने वाले परिवार के तमाम सदस्य इस लंच में शामिल होते रहे हैं.

हम इस मौके पर अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में बात करते और ये बात करते कि खाड़ी देशों से किस तरह लोग आकर सीरिया में ज़मीनें ख़रीद रहे हैं. सीरिया किस तरह स्वर्ग है और लोग यहां अपने परिवार के साथ गर्मियां बिताने आते हैं.

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यह बड़ा प्रोजेक्ट था और वैकल्पिक चिकित्सा को लेकर उम्मीद जगाने वाला था. मेरे गुजर चुके भाई ने हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाया. वे इसके फ़ायदे बताते और इस प्रोजेक्ट पर बात करते.

मुझे आज भी याद है, दमिश्क से देर रात ड्राइविंग करते हुए लौट रहा था, तब सड़क के दोनों तरफ़ सेव के पेड़, सेवों से लदे झूल रहे थे. उस रास्ते पर गाड़ी चलाना शांतिपूर्ण अनुभव था, सर्द और शांत मौसम, स्वच्छ आबोहवा में, ऐसा लग रहा था कि मेरा सपना साकार होने वाला है.

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जब सीरिया में युद्ध शुरू हुआ तब दमिश्क से सटे ज़ाबादानी और बुलोदान इलाके में लेबनानी चरमपंथी घुस आए. सीरियाई सेना ने उन पर हमला बोल दिया और उन्हें लेबनान के पर्वतों पर छिपने के लिए मज़बूर कर दिया.

जब सीरिया में संघर्ष बढ़ा तो चरमपंथी फिर से इलाके में घुस आए. इस बार सीरियाई सेना ने जेट विमानों से उनपर हमला किया और पूरृा इलाका इस संघर्ष की चपेट में आ गया. फलों से लदे पेड़ और रंगीन घर सब नष्ट हो गए.

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मेरे पड़ोसी इलाके से चरमपंथियों और उनके बिछाए विस्फोटक सुरंगों को हटाया गया. अब ये सैन्य क्षेत्र घोषित किया चुका है.

30 साल से जो मैं सपना देख रहा था, वह मिट्टी में मिल चुका है. मेरी सारी बचत भी ख़त्म हो चुकी है.

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सीरिया की ये कहानी मेरे भतीजे हसन ने सुनाई. वह भारत आया था पढ़ने के लिए. उसके बाद नाव के ज़रिए वह अपनी मां और 8 और 9 साल के दो भाईयों को लेकर स्वीडन गया है.

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उसके पिता और मेरे भाई फ़वाज़ दमिश्क के मशहूर वकील थे. पिछले महीने आठ नवंबर को उनकी मौत उस वक्त हुई जब वे अपने घर में नाश्ता कर रहे थे. यह हमलोगों के लिए सदमे जैसा था. स्वीडन में उनका परिवार इस सदमे में डूबा हुआ है क्योंकि बीते दो साल में वे उन्हें देख नहीं पाए थे.

जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से परिवार में कई लोगों की मौत हुई है, उनमें कईयों के अंतिम बार नहीं देख पाया हूं. पांच साल हो गए हैं घर गए.

ये हज़ारों सीरियाई लोगों की कहानी है. जिन्होंने युद्ध में अपने लोगों को गंवाया है. आधी आबादी विस्थापित हो चुकी है. 2011 से पहले एक लाख 87 हज़ार 150 किलोमीटर के इलाके में 2.4 करोड़ लोग रहते थे.

सीरिया को मध्य एशिया में सभ्यता का उद्गम स्थल माना जाता है, यह यूरोप और एशिया के ठीक मध्य में स्थित हैं. सिल्क रूट पर होने के चलते यहां शताब्दियों से कारोबार और सभ्यताएं फ़लती फ़ूलती रही हैं.

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काफ़ी विविधता भरा देश है, धर्मनिरपेक्ष देश है जहां हर तरह के धार्मिक आस्था वाले लोग रहते हैं. संविधान के मुताबिक सबको बराबरी का हक है और किसी धार्मिक राजनीतिक पार्टी को संविधान मंजूरी नहीं देता.

मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक हैं, 10 से 13 फ़ीसदी ईसाई रहते हैं और यहूदी भी. मौजूदा स्थिति से पहले हर कोई सीरिया में रहना चाहता था. यहां खेती का दस हज़ार साल से भी पुराना इतिहास है.

यहां रहने वाले लोगों ने शिकार और खानाबदोश ज़िंदगी की जगह खेती को अपनाया था. मेसोपोटामिया की सभ्यात के दौरान कारोबार का केंद्र बना सीरिया. लेकिन दुनिया मध्य पूर्व एशियाई देशों की सुंदरता और अहमियत को हमेशा कमतर आंकती रही है.

अलेप्पो को भले मुक्त कराया जा चुका हो लेकिन अभी भी अल क़ायदा और इस्लामिक स्टेट का कई इलाकों पर कब्ज़ा है, इन इलाकों को मुक्त कराने में लंबा वक्त लगेगा.

ऐसे में मेरे देश में कब शांति लौटेगी? लोग सीरिया लौटेंगे भी या नहीं? क्या इसे नए सिरे से तैयार किया जाएगा? मैंने उम्मीद छोड़ी नहीं है.

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