अलेप्पो: फंसे लोगों को निकालने का अभियान थमा

इमेज कॉपीरइट AFP

सीरिया के पूर्वी अलेप्पो में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान थम गया है.

सीरिया से मिली ख़बरों के मुताबिक इसके लिए विद्रोहियों को जिम्मेदार बताया जा रहा है. समझौते के तहत विद्रोहियों को सरकार के नियंत्रण वाले दो शहरों से घेरेबंदी हटानी थी. आरोप है कि विद्रोहियों ने ऐसा नहीं किया.

सीरिया के सबसे बड़े शहर अलेप्पो में फंसे लोगों को निकालने के लिए गुरुवार से शुरू हुए अभियान के बाद कम से कम छह हज़ार लोगों और विद्रोहियों के बाहर निकलने की जानकारी सामने आई है.

पूर्वी अलेप्पो पर बीते चार साल से विद्रोहियों का कब्ज़ा था. इस हफ्ते सरकारी सेनाओं ने अलेप्पो के ज्यादातर हिस्से पर अधिकार हासिल कर लिया है.

'क़ीमत उन्होंने चुकाई जिनका लड़ाई से लेना-देना नहीं'

अलेप्पो की लड़ाई से 50 हज़ार विस्थापित

संयुक्त राष्ट्र का आकलन है कि पूर्वी अलेप्पो में अब भी करीब 50 हज़ार लोग फंसे हुए हैं.

लोगों के बाहर निकलने की प्रक्रिया की निगरानी करने वाले सीरिया के अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि लोगों को निकालने का अभियान थम गया है, "क्योंकि चरमपंथी समझौते की शर्तों का पालन करने में नाकाम रहे हैं."

सीरिया के सरकारी मीडिया ने आरोप लगाया कि अलेप्पो से बाहर जाने वाले विद्रोही अपने साथ बंधकों और भारी हथियारों को ले जाने की कोशिश में हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

शुक्रवार सुबह अलेप्पो से जब लोगों के बाहर निकलने का सिलसिला रोका गया तो दुविधा की स्थिति बन गई.

सीरिया सरकार के अहम सहयोगी रूस ने जानकारी दी कि लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. रूस ने बताया कि 9,500 से ज्यादा लोगों को निकाला जा चुका है.

पूर्वी अलेप्पो से बाहर निकाले गए लोगों को इदलिब के विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों में ले जाया गया है.

हालांकि तुर्की ने इस दावे पर सवाल उठाए और कहा कि अब भी कई लोग पूर्वी अलेप्पो से बाहर निकलना चाहते हैं.

अलेप्पो से लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया निलंबित होने के थोड़ी देर बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन की अधिकारी हॉफ ने फ़ोन के जरिए संयुक्त राष्ट्र को जानकारी दी, "अब भी बड़ी संख्या में महिलाएं और पांच साल से कम उम्र के ऐसे बच्चे हैं जिन्हें बाहर निकाले जाने की जरूरत है."

उन्होंने कहा, "हमारे लिए ये चिंता का मामला है क्योंकि ये लोग बाहर जाने के लिए बेताब हैं."

इमेज कॉपीरइट ADEM ALTAN

रूस और तुर्की की मध्यस्थता में तैयार हुए समझौते के तहत विद्रोहियों को इदलिब प्रांत के दो शहरों से घेरेबंदी हटानी थी.

रिपोर्टों के मुताबिक इदलिब का सबसे बड़ा विद्रोही समूह जबाहत फतह अल शाम फोउआ और कफराया शहरों से घायलों को बाहर जाने देने के लिए तैयार हो गया है. यहां करीब 20 हज़ार लोग हैं.

अलेप्पो से तीन हज़ार से ज्यादा लोग निकाले गए

अलेप्पो: ज़िंदगी बचाने की जद्दोजहद में

पूर्वी अलेप्पो में चार साल से जारी जोरदार संघर्ष की वजह से हज़ारों लोग मारे गए हैं. अस्पताल मलबे में तब्दील हो गए हैं और खाने के सामान की आपूर्ति ठप हो गई है.

इस बीच सीरिया में आम लोगों के खिलाफ हिंसा के विरोध और सीरिया के विपक्ष के प्रति एकजुटता जाहिर करने के लिए मलेशिया से लेकर तुर्की तक दुनिया के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए.

इमेज कॉपीरइट Reuters

सरकारी सेना पूर्वी अलेप्पो के ज्यादातर हिस्से पर अधिकार हासिल कर चुकी है, लेकिन सीरिया में अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी सीरिया से जनेवा में बातचीत की मेज पर वापस आने का आग्रह कर चुके हैं.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने शुक्रवार को सभी पक्षों से आग्रह किया कि वो देशव्यापी संघर्षविराम पर सहमति जताएं.

जापान दौरे पर गए पुतिन ने कहा कि रूस और तुर्की कज़ाख़िस्तान में सीरिया और विरोधियों के बीच नए दौर की शांति वार्ता शुरू करने के लिए काम कर रहे हैं. ये बातचीत संयुक्त राष्ट्र की पहल पर जनेवा में हो रहे प्रयासों से अलग होगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)